झारखंड में शिक्षा सुधार पर हेमंत सरकार का बड़ा फोकस, 5 हजार CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी

May 26, 2026 - 18:06
झारखंड में शिक्षा सुधार पर हेमंत सरकार का बड़ा फोकस, 5 हजार CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी

RANCHI : झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में दूसरे दिन भी विभागों की समीक्षा बैठक हुई. झारखंड मंत्रालय में मंगलवार को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षात्मक बैठक हुई. बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और 2026-27 की कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य सरकार की सभी शैक्षणिक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचने का निर्देश दिया है.

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना, आधुनिक संसाधन और नई तकनीकों को लगातार जोड़ा जा रहा है.

शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश

हेमंत सोरेन ने शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष जोर दिया है. उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सभी रिक्त पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता है. पिछले कुछ महीनों में हजारों शिक्षकों की नियुक्ति हुई है और शेष रिक्तियों को भी जल्द भरा जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नव नियुक्त शिक्षकों के सभी वेरिफिकेशन कार्य इस महीने के अंत तक पूरे कर लिए जाए ताकि उन्हें समय पर वेतन मिल सके.

ड्रॉप आउट मामलों में झारखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में लगातार कमी आ रही है और इस मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. श्रम विभाग के सहयोग से मजदूरी या अन्य कार्यों में लगे बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूलों से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही किताब, साइकिल और अन्य शैक्षणिक सामग्री का वितरण भी समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है. सीएम ने कहा कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम कमजोर है, वहां विशेष सुधार अभियान चलाया जाए. उन्होंने सभी सरकारी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा और ICT लैब को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए.

5 हजार CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना पर तेजी से काम किया जाए ताकि पंचायत स्तर तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंच सके. उन्होंने कहा कि अगले 6 से 8 महीनों में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी स्कूल सिंगल टीचर के भरोसे न चले. विद्यालय प्रबंधन समितियों के सहयोग से स्थानीय शिक्षित युवाओं, विशेषकर छात्राओं, को अस्थायी रूप से शिक्षण कार्य से जोड़ने की पहल करने का भी निर्देश दिया गया.

परिवहन सुविधा और वृक्षारोपण अभियान पर जोर

मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत छात्रों के लिए परिवहन सुविधा शुरू करने का सुझाव दिया ताकि बच्चे समय पर स्कूल पहुंच सके. इसके अलावा सभी सरकारी विद्यालय परिसरों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

आवासीय विद्यालयों में बेहतर सुविधा देने पर फोकस

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में संचालित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत अभिवंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर आवासीय सुविधा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए. अधिकारियों ने बताया कि राज्य में ऐसे 26 आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जहां लगभग 4 हजार बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, भोजन और आवास की सुविधा दी जा रही है.

खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाए. खेल में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने की व्यवस्था की जाए। बैठक में बताया गया कि स्कूलों में स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराए जा रहे हैं और राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिताओं में झारखंड के बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है.

दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय के लिए एक सप्ताह में DPR देने का निर्देश


बैठक में जगुआर कैंपस, रांची में प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना को लेकर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय निर्माण के लिए 6 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर इस परियोजना की DPR राज्य सरकार को सौंप दी जाए. यह विद्यालय शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा.

ऑनलाइन जुड़कर कस्तूरबा विद्यालय की ली जानकारी

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बुंडू के प्रबंधन से संवाद किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली. बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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