साक्ष्य-आधारित कैंसर उपचार को और सशक्त बनाने के लिए RCHRC में टाटा मेमोरियल सेंटर के कैंसर विशेषज्ञ का शैक्षिक दौरा

टाटा मेमोरियल सेंटर जैसे अग्रणी संस्थानों के साथ नियमित शैक्षिक सहयोग यह सुनिश्चित करता है कि झारखंड के मरीजों को नवीनतम वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित कैंसर उपचार अपने राज्य के निकट ही उपलब्ध हो सके और उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूर जाने की आवश्यकता न पड़े : डॉ गौतम शरण

Jul 7, 2026 - 17:56
साक्ष्य-आधारित कैंसर उपचार को और सशक्त बनाने के लिए RCHRC में टाटा मेमोरियल सेंटर के कैंसर विशेषज्ञ का शैक्षिक दौरा

 टाटा कैंसर केयर फाउंडेशन की इकाई राँची कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (RCHRC) में आज टाटा मेमोरियल सेंटर, नवी मुंबई के एक्टरेक एवं प्रोटॉन थेरेपी सेंटर के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर तथा हेड एंड नेक रोग प्रबंधन समूह (डिजीज मैनेजमेंट ग्रुप) के विशेषज्ञ डॉ. श्वेताभ सिन्हा ने एक शैक्षिक सत्र का संचालन किया। इस सत्र का उद्देश्य सिर एवं गर्दन (हेड एंड नेक) के कैंसर के उपचार से जुड़े नवीनतम वैज्ञानिक प्रमाणों और उपचार पद्धतियों पर विशेषज्ञों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान करना था।

अपने दौरे के दौरान डॉ. सिन्हा ने अस्पताल के बहु-विषयक ट्यूमर बोर्ड में भाग लिया, जहाँ जटिल हेड एंड नेक कैंसर मामलों पर वरिष्ठ चिकित्सकों, रेजिडेंट्स और फेलोज़ के साथ विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित उपचार निर्णयों और व्यावहारिक चिकित्सकीय अनुभवों के आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया गया।
चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा हाल ही में जर्नल ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एआरइएसटी ट्रायल रहा। इस अध्ययन से चिकित्सकों को यह तय करने में मदद मिलेगी कि प्रारंभिक अवस्था के मुख (ओरल) कैंसर के किन मरीजों को सर्जरी के बाद रेडियोथेरेपी की वास्तव में आवश्यकता है और किन मरीजों का बिना अतिरिक्त उपचार के भी सुरक्षित रूप से उपचार किया जा सकता है। इसका उद्देश्य कैंसर पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखते हुए अनावश्यक दुष्प्रभावों को कम करना तथा मरीजों की बोलने और निगलने जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं को यथासंभव सुरक्षित रखना है।
डॉ. सिन्हा ने आरसीएचआरसी के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग का भी दौरा किया और वहाँ उपलब्ध उपचार सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल की आधुनिक आधारभूत संरचना, अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीक तथा गुणवत्तापूर्ण एवं मरीज-केंद्रित कैंसर उपचार के प्रति टीम की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी स्थापना के कम समय में ही अस्पताल ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
इस अवसर पर आरसीएचआरसी के मेडिकल डायरेक्टर एवं वरिष्ठ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉ. गौतम के. शरण ने कहा कि टाटा मेमोरियल सेंटर जैसे अग्रणी संस्थानों के साथ नियमित शैक्षिक सहयोग यह सुनिश्चित करता है कि झारखंड के मरीजों को नवीनतम वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित कैंसर उपचार अपने राज्य के निकट ही उपलब्ध हो सके और उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूर जाने की आवश्यकता न पड़े।
निरंतर सीखने, चिकित्सकीय सहयोग और मरीज-केंद्रित सेवाओं की अपनी प्रतिबद्धता के साथ आरसीएचआरसी झारखंड एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित कैंसर उपचार पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत है।
राँची कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (आरसीएचआरसी) के बारे में: काँके स्थित सुकुरहुटू रोड पर स्थापित राँची कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर एक समग्र कैंसर उपचार संस्थान है, जहाँ कैंसर की जांच और उपचार के लिए अत्याधुनिक तकनीकों की सुविधा उपलब्ध है। इस अस्पताल की स्थापना टाटा कैंसर केयर फाउंडेशन द्वारा टाटा ट्रस्ट्स के सहयोग से की गई है। अस्पताल टाटा ट्रस्ट्स के डिस्ट्रिब्यूटेड कैंसर केयर मॉडल पर आधारित है, जिसके प्रमुख स्तंभ हैं—जागरूकता, निकटता, किफायती  और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ।
आरसीएचआरसी की अनुभवी एवं संवेदनशील चिकित्सा टीम प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (MM-JAY) जैसी स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से मरीजों को समग्र एवं किफायती कैंसर उपचार उपलब्ध कराती है। अस्पताल की पब्लिक हेल्थ टीम समुदायों में कैंसर की समय पर पहचान और स्क्रीनिंग के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ तंबाकू नियंत्रण संबंधी पहल भी संचालित करती है, ताकि कैंसर के जोखिम को कम किया जा सके। आरसीएचआरसी का उद्घाटन मई 2023 में झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन द्वारा किया गया था।

रित कैंसर उपचार को और सशक्त बनाने के लिए आरसीएचआरसी में टाटा मेमोरियल सेंटर के कैंसर विशेषज्ञ का शैक्षिक दौरा

राँची, 7 जुलाई 2026: टाटा कैंसर केयर फाउंडेशन की इकाई राँची कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (आरसीएचआरसी) में आज टाटा मेमोरियल सेंटर, नवी मुंबई के एक्टरेक एवं प्रोटॉन थेरेपी सेंटर के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर तथा हेड एंड नेक रोग प्रबंधन समूह (डिजीज मैनेजमेंट ग्रुप) के विशेषज्ञ डॉ. श्वेताभ सिन्हा ने एक शैक्षिक सत्र का संचालन किया। इस सत्र का उद्देश्य सिर एवं गर्दन (हेड एंड नेक) के कैंसर के उपचार से जुड़े नवीनतम वैज्ञानिक प्रमाणों और उपचार पद्धतियों पर विशेषज्ञों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान करना था।
अपने दौरे के दौरान डॉ. सिन्हा ने अस्पताल के बहु-विषयक ट्यूमर बोर्ड में भाग लिया, जहाँ जटिल हेड एंड नेक कैंसर मामलों पर वरिष्ठ चिकित्सकों, रेजिडेंट्स और फेलोज़ के साथ विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित उपचार निर्णयों और व्यावहारिक चिकित्सकीय अनुभवों के आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया गया।
चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा हाल ही में जर्नल ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एआरइएसटी ट्रायल रहा। इस अध्ययन से चिकित्सकों को यह तय करने में मदद मिलेगी कि प्रारंभिक अवस्था के मुख (ओरल) कैंसर के किन मरीजों को सर्जरी के बाद रेडियोथेरेपी की वास्तव में आवश्यकता है और किन मरीजों का बिना अतिरिक्त उपचार के भी सुरक्षित रूप से उपचार किया जा सकता है। इसका उद्देश्य कैंसर पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखते हुए अनावश्यक दुष्प्रभावों को कम करना तथा मरीजों की बोलने और निगलने जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं को यथासंभव सुरक्षित रखना है।
डॉ. सिन्हा ने आरसीएचआरसी के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग का भी दौरा किया और वहाँ उपलब्ध उपचार सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल की आधुनिक आधारभूत संरचना, अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीक तथा गुणवत्तापूर्ण एवं मरीज-केंद्रित कैंसर उपचार के प्रति टीम की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी स्थापना के कम समय में ही अस्पताल ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
इस अवसर पर आरसीएचआरसी के मेडिकल डायरेक्टर एवं वरिष्ठ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉ. गौतम के. शरण ने कहा कि टाटा मेमोरियल सेंटर जैसे अग्रणी संस्थानों के साथ नियमित शैक्षिक सहयोग यह सुनिश्चित करता है कि झारखंड के मरीजों को नवीनतम वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित कैंसर उपचार अपने राज्य के निकट ही उपलब्ध हो सके और उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूर जाने की आवश्यकता न पड़े।
निरंतर सीखने, चिकित्सकीय सहयोग और मरीज-केंद्रित सेवाओं की अपनी प्रतिबद्धता के साथ आरसीएचआरसी झारखंड एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित कैंसर उपचार पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत है।
राँची कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (आरसीएचआरसी) के बारे में: काँके स्थित सुकुरहुटू रोड पर स्थापित राँची कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर एक समग्र कैंसर उपचार संस्थान है, जहाँ कैंसर की जांच और उपचार के लिए अत्याधुनिक तकनीकों की सुविधा उपलब्ध है। इस अस्पताल की स्थापना टाटा कैंसर केयर फाउंडेशन द्वारा टाटा ट्रस्ट्स के सहयोग से की गई है। अस्पताल टाटा ट्रस्ट्स के डिस्ट्रिब्यूटेड कैंसर केयर मॉडल पर आधारित है, जिसके प्रमुख स्तंभ हैं—जागरूकता, निकटता, किफायती  और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ।
आरसीएचआरसी की अनुभवी एवं संवेदनशील चिकित्सा टीम प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (MM-JAY) जैसी स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से मरीजों को समग्र एवं किफायती कैंसर उपचार उपलब्ध कराती है। अस्पताल की पब्लिक हेल्थ टीम समुदायों में कैंसर की समय पर पहचान और स्क्रीनिंग के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ तंबाकू नियंत्रण संबंधी पहल भी संचालित करती है, ताकि कैंसर के जोखिम को कम किया जा सके। आरसीएचआरसी का उद्घाटन मई 2023 में झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन द्वारा किया गया था।

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