JSDMS में 55 करोड़ रुपये के भुगतान पर बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप, CM हेमंत सोरेन से न्यायिक जांच की मांग

Jul 17, 2026 - 18:31
JSDMS में 55 करोड़ रुपये के भुगतान पर बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप, CM हेमंत सोरेन से न्यायिक जांच की मांग

RANCHI : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक खुला पत्र लिखकर झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी यानी JSDMS में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं.

उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है. बाबूलाल मरांडी ने दावा किया है कि उपलब्ध दस्तावेजों से सरकारी धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलते हैं.

फर्जी बैंक गारंटी का मामला उठाया

अपने पत्र में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि 8 अगस्त 2024 को तत्कालीन मिशन निदेशक ने फर्जी बैंक गारंटी प्रस्तुत करने के आरोप में छह कंपनियों को 7 अगस्त 2026 तक ब्लैकलिस्ट किया था. लेकिन 14 अक्टूबर 2024 को वर्तमान मिशन निदेशक शैलेंद्र लाल ने कथित तौर पर लोकहित का हवाला देते हुए इन कंपनियों को ब्लैकलिस्ट से बाहर कर दिया. जिसके बाद उन्हें लगभग 55 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया.

दोबारा ब्लैकलिस्ट किए जाने पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगस्त 2025 में फर्जी बैंक गारंटी प्रकरण में तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे की गिरफ्तारी के बाद इन्हीं कंपनियों को फिर से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कंपनियां पहले ही फर्जी बैंक गारंटी देने की दोषी थीं तो उन्हें दोबारा भुगतान की अनुमति किस नियम और किसके आदेश पर दी गई.

सरकार से पूछे कई अहम सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को भुगतान की अनुमति किस अधिकारी ने दी. श्रम विभाग के तत्कालीन और वर्तमान सचिवों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और क्या पूरे मामले में किसी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण के कारण नियमों की अनदेखी की गई. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार ब्लैकलिस्ट अवधि समाप्त होने के बाद इन कंपनियों को फिर से सरकारी काम देने की तैयारी कर रही है.

सीएम से सात बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से सात बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की है. इनमें दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, वर्ष 2023-24 से अब तक JSDMS के सभी वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों का विशेष ऑडिट कराने, जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को उनके पद से हटाने, करीब 55 करोड़ रुपये के भुगतान की वैधानिकता की जांच कर दोषियों से राशि की वसूली करने और जांच पूरी होने तक संबंधित कंपनियों को किसी भी नए सरकारी कार्य या भुगतान से रोकने की मांग शामिल है.

एसीबी जांच की भी मांग

इस पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने शैलेंद्र लाल, राजन श्रीवास्तव और विश्वरूप ठाकुर की भूमिका और उनकी संपत्तियों की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से विशेष जांच कराने की भी मांग की है. उनका कहना है कि यदि जांच में किसी राजनीतिक संरक्षण या उच्च स्तर की संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी समान रूप से कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.

भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की परीक्षा

पत्र के अंत में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य की जनता यह जानना चाहती है कि फर्जी बैंक गारंटी देने वाली कंपनियों को करोड़ों रुपये का भुगतान किन परिस्थितियों में किया गया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के दावों की वास्तविक परीक्षा इस मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई से होगी.

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