रांची में इक्फाई यूनिवर्सिटी का 6वां दीक्षांत समारोह संपन्न, 292 छात्रों को मिली डिग्री

दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक वर्ष 2025 में स्नातक करने वाले छात्रों को कुल 292 डिग्रियां प्रदान कीं, जिसमें 8 Ph.D. उपाधियां, 10 स्वर्ण पदक और 10 रजत पदक शामिल हैं। ये पदक विभिन्न कार्यक्रमों में शीर्ष स्थान और दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को प्रदान किए गए।

Mar 24, 2026 - 20:00
रांची में इक्फाई यूनिवर्सिटी का 6वां दीक्षांत समारोह संपन्न, 292 छात्रों को मिली डिग्री

RANCHI : इक्फाई विश्वविद्यालय, झारखंड का 6वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को शौर्य सभागार, रांची में आयोजित किया गया। झारखंड के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के विजिटर संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि थे और उन्होंने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की।

दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक वर्ष 2025 में स्नातक करने वाले छात्रों को कुल 292 डिग्रियां प्रदान कीं, जिसमें 8 Ph.D. उपाधियां, 10 स्वर्ण पदक और 10 रजत पदक शामिल हैं। ये पदक विभिन्न कार्यक्रमों में शीर्ष स्थान और दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को प्रदान किए गए।

दीक्षांत समारोह में उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए इक्फ़ाई विश्वविद्यालय झारखंड के कुलपति कर्नल डॉ. रणजीत सिंह ने इक्फ़ाई सोसाइटी की अध्यक्षा एन. शोभा रानी यशस्विनी, अध्यक्ष वी.आर. शंकर, पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) ओ.आर.एस. राव, गतिशील कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) टी.आर.के. राव और इक्फ़ाई परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इक्फ़ाई विश्वविद्यालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, अनुसंधान, कानूनी अभ्यास और पाठ्येतर गतिविधियों जैसे सभी क्षेत्रों में छात्रों को तैयार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिससे छात्र अपनी नियमित शैक्षणिक उपलब्धियों के अलावा अन्य सभी क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

कुलपति ने आगे कहा कि इक्फ़ाई विश्वविद्यालय अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करने की सभी चुनौतियों का सामना करेगी ताकि वे भविष्य में केवल नौकरी चाहने वाले ही नहीं बल्कि नौकरी देने वाले (रोजगार सृजक) बन सकें। कर्नल डॉ. रणजीत सिंह ने झारखंड के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के विज़िटर संतोष कुमार गंगवार को विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट और 6वें दीक्षांत समारोह के विवरण से भी अवगत कराया।

दीक्षांत समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) टी.आर.के. राव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि छात्रों को ऐसे ज़िम्मेदार कानून का पालन करने वाले और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनने का प्रयास करना चाहिए, जो समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखें। उन्होंने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "जब हम अपने विचारों और अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखते हैं तो हम एक बेहतर समाज का निर्माण करते हैं।" अपने दीक्षांत भाषण में उन्होंने कहा कि डिग्री मिलना शिक्षा का अंत नहीं बल्कि जीवन की यात्रा की असली शुरुआत है। उन्होंने बताया कि तेज़ी से हो रहे तकनीकी विकास ने आधुनिक दुनिया को काफ़ी हद तक बदल दिया है और आज के समकालीन माहौल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)और डेटा इंटेलिजेंस की अहम भूमिका है। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे समझें कि उनका ज्ञान और कौशल उनके नियोक्ताओं और समाज के लिए कैसे उपयोगी हो सकता है।

कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) टी.आर.के. राव ने आगे बताया कि इक्फ़ाई विश्वविद्यालय झारखंड ने कौशल विकास और उद्योग की ज़रूरतों के हिसाब से तैयारी पर ध्यान देकर अपने शैक्षणिक दृष्टिकोण को मज़बूत किया है। विश्वविद्यालय ने रोज़गार-उन्मुख शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए वधवानी फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU)पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका लक्ष्य 70% कौशल-आधारित शिक्षण ढांचा सुनिश्चित करना है। उन्होंने छात्रों को उद्यमी सोच विकसित करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित किया,और उन्हें स्वरोज़गार के अवसरों को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।

दीक्षांत समारोह के दौरान दर्शकों को संबोधित करते हुए महामहिम झारखंड के राज्यपाल और इक्फ़ाई विश्वविद्यालय झारखंड के विज़िटर ने कहा कि यह अवसर न केवल स्नातक होने वाले छात्रों के लिए,बल्कि उनके माता-पिता और शिक्षकों के लिए भी गर्व का क्षण है। उन्होंने छात्रों को उनकी कड़ी मेहनत,लगन और दृढ़ता के माध्यम से सफलता प्राप्त करने के लिए बधाई दी।

उन्होंने कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) टी.आर.के. राव द्वारा व्यक्त किए गए विचारों से सहमति जताते हुए कहा कि हाल के वर्षों में प्रौद्योगिकी में तेज़ी से बदलाव और विकास हुआ है। इस अवसर के महत्व पर ज़ोर देते हुए,उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने के बारे में नहीं है बल्कि जीवन के एक नए चरण की शुरुआत के बारे में है जो ज़िम्मेदारी, प्रतिबद्धता और उद्देश्य से भरा है। उन्होंने स्नातकों को अपने व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज के विकास में भी सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

महामहिम ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को शिक्षा प्रणाली में एक नई संस्कृति की ओर निर्देशित किया है, जिससे राष्ट्र उनके नेतृत्व में एक नई दृष्टि और प्रगति के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने छात्रों में आत्मविश्वास और सकारात्मकता के महत्व पर ज़ोर दिया और उन्हें एक सर्वांगीण व्यक्तित्व विकसित करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया । 

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) जे.बी. पटनायक ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और इस अवसर पर महामहिम संतोष कुमार गंगवार, कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) टी.आर.के. राव, कुलपति कर्नल डॉ. रंजीत सिंह, प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और विभिन्न सरकारी अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने पूरी दीक्षांत समारोह टीम और स्टाफ़ सदस्यों का भी विशेष धन्यवाद व्यक्त किया, जिन्होंने संयोजक प्रो. सुमित कुमार सिन्हा के नेतृत्व में इस कार्यक्रम को एक बड़ी सफलता बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। 

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