मनरेगा से वीबी-जी रामजी में हुए बदलावों के प्रति राज्यभर में एक समान समझ विकसित करने हेतु राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
राज्य के सभी 24 जिलों के मास्टर ट्रेनर्स को दिया जा रहा व्यापक प्रशिक्षण, जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक होगा क्षमता निर्माण अभियान।
ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार द्वारा राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD), हेहल, रांची में वीबी-जी रामजी (विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) के अंतर्गत दो दिवसीय राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर्स अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
श्रद्धांजलि के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम के प्रारंभ में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने उनके योगदान का स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इसके उपरांत ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर निदेशक,SIRD, श्री राजेश सिंह, निदेशक,सोशल ऑडिट, श्री हलधर महतो, आयुक्त,वीबी-जी राम जी, श्री मृत्युंजय कुमार बर्णवाल, अपर आयुक्त, वीबी-जी राम जी, श्री कमलेश्वर नारायण तथा विशेष कार्य पदाधिकारी श्री बृजेन्द्र, हेमरोम ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
राज्यभर में एक समान समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राज्यस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत सभी मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने जिलों में जिला एवं प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करेंगे। इसके बाद प्रशिक्षण अभियान पंचायत स्तर तक संचालित किया जाएगा, जिससे योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी अधिकारी, कर्मी एवं हितग्राही नई व्यवस्था को स्पष्ट रूप से समझ सकें तथा किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मनरेगा से वीबी-जी रामजी में हुए बदलावों के प्रति राज्यभर में एक समान समझ विकसित करना, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना तथा ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन को नई गति प्रदान करना है। यह पहल रोजगार सृजन, श्रम-सम्मान, आजीविका सुदृढ़ीकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके माध्यम से झारखंड के ग्रामीण परिवारों को अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्पष्टता, सक्रिय सहभागिता और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए वीबी-जी रामजी के आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार बर्णवाल ने कहा कि मनरेगा से वीबी-जी रामजी में हुए परिवर्तन का किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव लाभुकों पर नहीं पड़ना चाहिए। पात्र लाभुकों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने तथा कार्य आवंटन में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसी उद्देश्य से राज्यस्तर पर व्यापक अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात सभी मास्टर ट्रेनर्स निर्धारित समयसीमा के भीतर जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक प्रशिक्षण सुनिश्चित करेंगे, ताकि योजना से संबंधित सभी प्रावधानों, प्रक्रियाओं एवं परिवर्तनों के संबंध में उत्पन्न होने वाली शंकाओं का समय रहते समाधान हो सके।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार ने कहा कि वीबी-जी रामजी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मियों का पूर्ण रूप से प्रशिक्षित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल योजना की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिभागियों को सक्षम मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करने का प्रयास है, ताकि वे जमीनी स्तर तक योजना का प्रभावी प्रशिक्षण दे सकें। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा सभी प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियागत शंकाओं का प्रशिक्षण स्थल पर ही समाधान कराने का आग्रह किया।
सचिव, श्री मनोज कुमार ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना जैसी पहलों ने ग्रामीण आजीविका सशक्तीकरण की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के माध्यम से आम बागवानी को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के प्रयास सराहनीय रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की कार्यनिष्ठा, नवाचार एवं प्रतिबद्धता के साथ वीबी-जी रामजी के अंतर्गत संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों और उनकी आजीविका अधिक सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बन सके।
कॉफी टेबल बुक का विमोचन एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान बिरसा हरित ग्राम योजना की उपलब्धियों एवं सफलता की कहानियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन सचिव श्री मनोज कुमार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए विभिन्न जिलों के अधिकारियों एवं कर्मियों को सम्मानित भी किया गया। परियोजना पदाधिकारी, रामगढ़ श्रीमती अनुजा राणा, वरिष्ठ लेखा पदाधिकारी, बोकारो श्री पंकज दुबे, परियोजना पदाधिकारी, हजारीबाग श्री प्रभात रंजन तथा राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए श्री नरेंद्र कुमार को सचिव श्री मनोज कुमार द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
वीबी-जी राम जी के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तृत प्रशिक्षण, राज्य के सभी 24 जिलों की सहभागिता
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में प्रतिभागियों को वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के उद्देश्य, प्रमुख प्रावधानों एवं मनरेगा से हुए परिवर्तनों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्र में 125 दिनों के रोजगार प्रावधान, श्रमिक अधिकार, ग्राम रोजगार गारंटी कार्ड, समयबद्ध मजदूरी भुगतान, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन, 318 अनुमन्य कार्य, विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP), अभिसरण आधारित योजना निर्माण, डिजिटल गवर्नेंस, युक्तधारा पोर्टल, फेस ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति, एबीपीएस (ABPS), सोशल ऑडिट एवं एमआईएस प्रणाली सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही अमृत सरोवर एवं बिरसा हरित ग्राम योजना सहित सफल कार्यों के अध्ययन के माध्यम से प्रतिभागियों को परिणामोन्मुख एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षित किया गया।
राज्य में वीबी-जी रामजी योजना 01 जुलाई 2026 से लागू की गई, जबकि इसकी राज्य अधिसूचना 14 जुलाई 2026 को जारी की गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्यभर के अधिकारियों एवं कर्मियों को व्यापक रूप से प्रशिक्षित करना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के सभी 24 जिलों से परियोजना पदाधिकारी, MIS कर्मी तथा सहायक अभियंता/कनिष्ठ अभियंता सहित नामित मास्टर ट्रेनर्स भाग ले रहे हैं। इन्हें राज्य स्तर पर योजना के विभिन्न प्रावधानों, कार्यप्रणाली तथा मनरेगा से वीबी-जी रामजी में हुए परिवर्तनों के संबंध में विस्तृत अभिमुखीकरण प्रदान किया जा रहा है।
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