विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, सियासी बयानबाजी हुई तेज, बीजेपी की प्रतिक्रिया पर झामुमो का आया बयान
RANCHI : शराब घोटाले के मुख्य आरोपी और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. विनय चौबे करीब एक साल से शराब घोटाले समेत कई मामलों में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं.
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अरविंद कुमार और न्यायाधीश विपुल एम पंचोली की पीठ ने हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया है. वह हजारीबाग वन भूमि घाटाले में ACB द्वारा दर्ज प्राथमिकी (11/2025) में नवंबर 2025 से जेल में हैं.
इधर, विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है. झारखंड भाजपा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक न्यायिक प्रक्रिया है लेकिन जिस तरह से विनय चौबे पर आरोप लगे हैं, उनके जेल से बाहर निकलने के बाद वो जरूर इसका खुलासा करेंगे कि इसमें सरकार की क्या भूमिका रही है?
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने कहा कि विनय चौबे को आगे करके जिस तरह से सरकार ने इसमें खेल खेला है, उसका खुलासा उनके जेल से बाहर निकलने के बाद जरूर होगा.
BJP के बयानों को तवज्जो देने की जरूरत नहीं: मनोज पांडेय
सीएम हेमंत सोरेन के प्रधान सचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रहने वाले विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर झामुमो ने भी रिएक्ट किया है. पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने बताया कि विनय चौबे को जमानत मिलना एक न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है. इस पर क्या टीका टिप्पणी की जाए.
उन्होंने कहा कि मैं भी मानता हूं कि विनय चौबे अभी सिर्फ आरोपी हैं लेकिन भाजपा वाले जो बयान दे रहे हैं, उसको ज्यादा तवज्जो देने की जरूरत नहीं है क्योंकि जिसका आईना गंदा होता है, तो उसमें सबके चेहरे भी गंदे दिखते हैं.
विनय चौबे को इससे पहले दो मामलों में मिल चुकी है जमानत
बता दें कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 20 मई 2025 को तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे को गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने उत्पाद नीति 2022 के तहत मैन पावर सप्लाई कराने वाली कंपनियों को फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर काम करने की अनुमति दी थी, जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ. इस मामले में समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होने की वजह से विनय चौबे को एसीबी कोर्ट से ही जमानत मिल चुकी है. वहीं एक अन्य मामले में बीते अप्रैल में विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी.
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे को हजारीबाग के जमीन से जुड़े एक मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को शर्तों के साथ जमानत दे दी है. इस पर झामुमो ने इसे एक सामान्य न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा कि कानून अपना काम करता है.
हजारीबाग जमीन में गड़बड़ी और अवैध खरीद फरोख्त का है मामला
सर्वोच्च न्यायालय ने निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को हजारीबाग के डीसी रहते हुए जमीन की अवैध खरीद बिक्री और कई गड़बड़ियों से जुड़े मामले में जमानत दी है. सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की पीठ ने विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुनवाई की और उन्हें शर्तों के साथ जमानत दे दी.
इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद विनय चौबे ने जमानत के लिए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था. जानकारी के मुताबिक, विनय चौबे को अदालत की ओर से जमानत के साथ-साथ विदेश यात्रा पर नहीं जाने और गवाहों को प्रभावित नहीं करने की शर्त लगाई है.
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