नालंदा में टोल प्लाजा पर स्थानीय बसों से अधिक टोल वसूली का आरोप, बस मालिकों ने किया चक्का जाम; यात्रियों की बढ़ी परेशानी

नालंदा: रहुई प्रखंड के पैठना टोल प्लाजा पर स्थानीय रूटों पर चलने वाली बसों से निर्धारित दर से अधिक टोल वसूले जाने के आरोप को लेकर मंगलवार को बस मालिकों और संचालकों ने विरोध प्रदर्शन किया। नाराज बस संचालकों ने टोल प्लाजा के पास चक्का जाम कर दिया। अचानक बसों का परिचालन रुकने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

Oct 6, 2026 - 15:52
नालंदा में टोल प्लाजा पर स्थानीय बसों से अधिक टोल वसूली का आरोप, बस मालिकों ने किया चक्का जाम; यात्रियों की बढ़ी परेशानी

नालंदा: रहुई प्रखंड के पैठना टोल प्लाजा पर स्थानीय रूटों पर चलने वाली बसों से निर्धारित दर से अधिक टोल वसूले जाने के आरोप को लेकर मंगलवार को बस मालिकों और संचालकों ने विरोध प्रदर्शन किया। नाराज बस संचालकों ने टोल प्लाजा के पास चक्का जाम कर दिया। अचानक बसों का परिचालन रुकने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बस मालिकों का कहना है कि स्थानीय और कम दूरी के रूटों पर चलने वाली बसों के लिए निर्धारित टोल शुल्क के बावजूद उनसे अधिक राशि ली जा रही है। संचालकों के मुताबिक, स्थानीय रूट की बसें सीमित दूरी तय करती हैं और पहले से ही ईंधन, स्टाफ समेत कई तरह के परिचालन खर्च का सामना करती हैं। ऐसे में निर्धारित शुल्क से अतिरिक्त राशि की वसूली से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

बस संचालकों ने आरोप लगाया कि टोल शुल्क को लेकर पहले भी संबंधित कर्मियों से कई बार शिकायत की गई थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद वसूली की व्यवस्था में कोई स्पष्ट बदलाव नहीं हुआ। इसके बाद बस मालिकों ने सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम करने का फैसला लिया।

प्रदर्शन कर रहे बस मालिकों ने मांग की कि स्थानीय रूट और लंबी दूरी की बसों के लिए टोल शुल्क की स्पष्ट व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही निर्धारित दर से अधिक राशि की वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए। संचालकों का कहना है कि यदि शुल्क को लेकर स्पष्ट नियम और पारदर्शी व्यवस्था लागू कर दी जाए तो आए दिन होने वाले विवाद को खत्म किया जा सकता है।

यात्रियों को हुई परेशानी

बस संचालकों के चक्का जाम का सीधा असर यात्रियों पर पड़ा। टोल प्लाजा के आसपास कुछ समय तक बसों का परिचालन प्रभावित रहा। कई यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी रोजाना स्थानीय रूटों से आने-जाने वाले यात्रियों को हुई।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बस मालिकों ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी आंदोलन कर सकते हैं। संचालकों ने टोल शुल्क की व्यवस्था को लेकर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।

मामले की जानकारी एडीटीओ ने वरीय अधिकारियों को दे दी है। हालांकि, स्थानीय बस संचालकों द्वारा लगाए गए अधिक टोल वसूली के आरोपों पर टोल प्लाजा प्रबंधन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। प्रबंधन का पक्ष मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्धारित दर से अधिक राशि वसूली गई थी या नहीं।

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