झारखंड में माइनिंग और ड्रिलिंग करनेवाली कंपनियों को बड़ी राहत, सरकार ने नियमों में किए ये बदलाव
झारखंड में माइनिंग और ड्रिलिंग करने के लिए अब 5 प्रोजेक्ट की बाध्यता खत्म, सिर्फ 1 माइनिंग प्रोजेक्ट के अनुभव पर भी मिलेगी एंट्री
झारखंड सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने भूगर्भीय खनन और अन्वेषण के तहत होने वाली ड्रिलिंग योजना के नियमों में बहुत बड़ा बदलाव किया है. इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य तकनीकी अनुभव की कड़ी शर्तों को आसान बनाना है, ताकि अधिक से अधिक योग्य कंपनियां इस टेंडर प्रक्रिया में भाग ले सकें. सरकार ने कंपनियों को राहत देते हुए नियमों को पूरी तरह लचीला कर दिया है.
5 प्रोजेक्ट की बाध्यता खत्म
पहले के नियम के मुताबिक, बोली लगाने वाली कंपनी के पास पिछले 10 वर्षों में कम से कम 05 ड्रिलिंग प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने का अनुभव होना अनिवार्य था. अब नए संशोधन के तहत 5 प्रोजेक्ट्स की इस अनिवार्य संख्या को पूरी तरह से हटा दिया गया है. अब कंपनी ने चाहे जितने भी प्रोजेक्ट्स किए हों, बस पिछले 10 वर्षों में उनकी कुल ड्रिलिंग क्षमता 5,000 मीटर होनी चाहिए.
01 प्रोजेक्ट वाली कंपनियों को भी एंट्री
पुराने नियम के अनुसार, कंपनियों द्वारा किए गए कुल प्रोजेक्ट्स में से कम से कम 02 (दो) प्रोजेक्ट्स का मिनरल या माइनिंग (खनिज व खनन) सेक्टर से जुड़ा होना जरूरी था. अब इस शर्त को भी आधा कर दिया गया है. अब अगर किसी कंपनी के पास माइनिंग सेक्टर का सिर्फ 01 (एक) प्रोजेक्ट का भी अनुभव है, तो वह इस योजना के लिए पूरी तरह योग्य मानी जाएगी.
01 जुलाई तक बढ़ाया गया समय
नियमों में इस बड़े बदलाव के साथ ही सरकार ने एक्सप्रेसन ऑफ इंटरेस्ट जमा करने की अंतिम तारीख को भी 15 जून से बढ़ाकर 01 जुलाई 2026 (दोपहर 1:30 बजे तक) कर दिया है. जिन कंपनियों ने पुराने नियमों के तहत पहले ही आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है.सरकार के इस कदम से अब और अधिक कंपनियां इस महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा बन सकेंगी.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0











