गया जी में मनाया जाएगा भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, इस्कॉन गया में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का है अनुमान
गया । गया जी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से मनाने के लिए इस्कॉन गया ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। आगामी 4 सितंबर 2026 को इस्कॉन गया में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष जन्माष्टमी पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।
इस्कॉन गया के मंदिर अध्यक्ष जगदीश श्याम दास ने बताया कि जन्माष्टमी की तैयारियाँ पूरे उत्साह के साथ चल रही हैं। मंदिर परिसर में पंडाल निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है, भगवान के लिए विशेष पोशाकें तैयार की जा रही हैं तथा गया धामवासियों को जन्माष्टमी में आमंत्रित करने के लिए भक्त एवं स्वयंसेवक घर-घर जाकर निमंत्रण दे रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था :
जन्माष्टमी के अवसर पर भारी भीड़ को देखते हुए इस्कॉन गया द्वारा विशेष बैरिकेडिंग एवं दर्शन व्यवस्था की जा रही है। मंदिर प्रशासन ने जिला प्रशासन से भीड़ के सुचारु प्रबंधन, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था में सहयोग का अनुरोध किया है।
श्री दास ने बताया कि इस्कॉन गया मंदिर जन्माष्टमी के अवसर पर गया शहर के सबसे अधिक भीड़ वाले स्थानों में से एक बन जाता है। इसलिए मंदिर प्रशासन द्वारा सड़क से ही लंबी बैरिकेडिंग व्यवस्था करने की योजना बनाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से भगवान के दर्शन कराए जा सकें और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का तिलक एवं इत्र से स्वागत किया जाएगा।
पांच भव्य झांकियां होंगी आकर्षण का केंद्र :
इस वर्ष जन्माष्टमी महोत्सव में **पांच विशेष झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनमें दो झूला झांकियां एवं तीन मंदिर झांकियां शामिल होंगी।
इस वर्ष विशेष आकर्षण के रूप में वृंदावन वाले राधारमण जी के दर्शन का अवसर भी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। मंदिर परिसर को फूलों, आकर्षक रोशनी एवं रंगोली से भव्य रूप से सजाया जाएगा।
पूरे दिन अखंड एवं मधुर हरिनाम संकीर्तन, श्रीकृष्ण कथा तथा प्रसाद वितरण का आयोजन चलता रहेगा।
जन्माष्टमी के दिन का कार्यक्रम :
जन्माष्टमी के दिन कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती** से होगा। इसके बाद 5:30 बजे मंत्र ध्यान, 7:30 बजे गुरु पूजा तथा प्रातः 8 बजे श्रीकृष्ण कथा होगी।
रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य महोत्सव के अंतर्गत रात्रि 9 बजे से महाभिषेक प्रारंभ होगा। महाभिषेक में पंचगव्य, पंचामृत, विभिन्न प्रकार के फलों के रस, तीर्थ जल, गुलाब जल, चंदन आदि विभिन्न पवित्र द्रव्यों से भगवान का अभिषेक किया जाएगा।
रात्रि 11:30 बजे भगवान को 108 भोग अर्पित किए जाएंगे तथा मध्यरात्रि 12 बजे महाआरती** होगी। महाआरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया जाएगा।
5 सितंबर को नंदोत्सव एवं श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस :
जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर 2026 को नंदोत्सव एवं श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस मनाया जाएगा।
दोपहर 12 बजे पुष्पांजलि, भोग एवं आरती का आयोजन होगा, जिसमें वैष्णव भजन एवं संकीर्तन होगा।
शाम 4 बजे से 8 बजे तक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें हरिनाम संकीर्तन, सांस्कृतिक नृत्य, नाटक तथा श्रील प्रभुपाद की महिमा का गुणगान प्रमुख आकर्षण होंगे।
इस अवसर पर लगभग 10,000 लोगों के लिए भव्य भंडारा प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें चावल, तड़का, मिक्स वेज एवं हलवा सहित प्रसाद वितरित किया जाएगा।
आयोजन की तैयारी को लेकर बैठक :
जन्माष्टमी की तैयारियों एवं विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर आज श्री जगदीश श्याम दास के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक** आयोजित की गई। बैठक में आयोजन, सेवा, श्रद्धालु प्रबंधन एवं विभिन्न विभागों की तैयारियों पर चर्चा की गई।
बैठक में रामकांत मुरारी दास, सहिष्णु विप्र दास, रामनारायण दास, असीम हृषिकेश दास, श्यामल दास, समता कृष्ण दास, पतितपावनी गंगा देवी दासी, चैतन्य शिक्षा देवी दासी, अमरेश कुमार, विश्वजीत दास, राजीव कुमार, बलवंत कुमार, बिक्की, सौरभ, पवन एवं धार्मिक सहित अन्य सेवक उपस्थित रहे।
इस्कॉन गया मंदिर प्रशासन ने सभी गया धामवासियों एवं श्रद्धालुओं से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने, प्रशासन एवं स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करने तथा दर्शन व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। इस्कॉन गया का उद्देश्य है कि इस वर्ष की जन्माष्टमी गया जी के इतिहास की सबसे भव्य, दिव्य, भक्तिमय एवं सुव्यवस्थित जन्माष्टमी बने—जहाँ प्रत्येक श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन, संकीर्तन, कथा एवं प्रसाद का आनंद लेकर अपने जीवन को धन्य करे।