पटना में छात्रों पर लाठीचार्ज से भड़कीं रोहिणी आचार्य, सम्राट चौधरी सरकार पर जमकर साधा निशाना
PATNA : पटना में मंगलवार को छात्रों ने सीएम आवास घेराव को लेकर मार्च निकाला. इस दौरान पहले उन्हें जेपी गोलंबर के पास रोका गया. इसके बाद डाकबंगला पर रोका गया. उग्र छात्रों ने बैरिकेडिंग को तोड़ दिया. इस बीच पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. अब सम्राट सरकार पर रोहिणी आचार्य ने जमकर भड़ास निकाली है.
रोहिणी आचार्य ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा कि TRE-4 परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की मांग के लिए आज पटना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर फिर से बिहार सरकार के द्वारा करवाई गई पुलिसिया दमन की कार्रवाई से सम्राट सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति उजागर होती है. शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बार-बार पुलिस बल का प्रयोग और लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों और युवाओं के भविष्य के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता एवं प्रशासनिक संवेदनहीनता का विषय है.
लाठीचार्ज और वॉटर कैनन को बताया गलत
उन्होंने संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि यह शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने और प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार देता है. दो टूक में कहा कि उचित मांगों के साथ शांतिपूर्ण मार्च कर रहे छात्रों-अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, वॉटर कैनन का प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधे तौर पर हनन है.
छात्रों के समर्थन में रोहिणी आचार्य ने कहा कि वर्षों की मेहनत और सीमित संसाधनों में परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं पर इस प्रकार की शारीरिक उत्पीड़न की कार्रवाई उनके मनोबल को तोड़ती है. पारदर्शी परीक्षा प्रणाली मांगने पर न्याय देने की जगह लाठियां बरसाने से राज्य के युवाओं में असुरक्षा और निराशा का माहौल कायम होता है.
'दमनकारी नीतियों से समाधान नहीं'
रोहिणी ने कहा कि दमनकारी नीति से चुप कराने की कोशिश प्रशासनिक जवाबदेही से भागने जैसा है. उन्होंने सुझाव दिया कि सम्राट सरकार को ये समझना होगा कि लोकतंत्र में दमनकारी नीतियों से कभी कोई समाधान नहीं निकलता.
उन्होंने बल प्रयोग करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर उचित प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की. यह भी कहा कि छात्रों और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों से बात करके अविलंब परीक्षा सुधार लागू करना चाहिए.
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