BIG NEWS : BPSC ने कर दिया ऐलान, जानिए कब होगी TRE 4 की परीक्षा, AEDO को लेकर भी बड़ा अपडेट

Aug 24, 2026 - 17:10
Aug 24, 2026 - 17:10
BIG NEWS : BPSC ने कर दिया ऐलान, जानिए कब होगी TRE 4 की परीक्षा, AEDO को लेकर भी बड़ा अपडेट

PATNA : बिहार में चौथे चरण की शिक्षक बहाली यानी TRE-4 को लेकर एक तरफ अभ्यर्थियों का आंदोलन चल रही है. वहीं दूसरी तरफ BPSC ने परीक्षा की प्रक्रिया और संभावित समय-सारणी को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट कर दी हैं.

TRE-4 में दो स्तरीय परीक्षा ही होगी

BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि अब आयोग की सभी परीक्षाएं दो स्तरों पर आयोजित की जा रही हैं. ऐसे में TRE-4 के लिए भी प्रीलिम्स और मेंस दोनों परीक्षाएं होंगी. उन्होंने साफ किया कि पहले किसी एग्जाम में एक स्तर की परीक्षा हुई है, इसलिए आगे भी उसी व्यवस्था को जारी रखा जाए, यह तर्क स्वीकार नहीं किया जा सकता.

कब होगी TRE की परीक्षा? 

राजेश कुमार सिंह ने कहा कि TRE-4 की परीक्षा दिसंबर के अंत से जनवरी के बीच आयोजित किए जाने की तैयारी है. परीक्षा की तारीख अक्टूबर के मध्य तक जारी कर दी जाएगी. TRE-4 में फिलहाल करीब 34 हजार पद हैं, लेकिन 30 सितंबर को आवेदन की अंतिम तारीख तक शिक्षा विभाग की ओर से जितनी अतिरिक्त सीटों की अधियाचना भेजी जाएगी, उन्हें भी इसी भर्ती में जोड़ दिया जाएगा. यानी अंतिम वैकेंसी की संख्या बढ़ सकती है. अभ्यर्थियों के आवेदन पूरे होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे और उसी के आधार पर परीक्षा की विस्तृत व्यवस्था तय की जाएगी.

एक या दो दिन में होगा एग्जाम 

परीक्षा नियंत्रक के मुताबिक यदि अभ्यर्थियों की संख्या 5 लाख तक रहती है तो आयोग एक दिन में परीक्षा कराने में सक्षम है. इससे अधिक अभ्यर्थी होने की स्थिति में परीक्षा दो बार आयोजित करनी पड़ सकती है. इसके अलावा कक्षा और शिक्षक श्रेणी के अनुसार अलग-अलग दिनों और अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा कराने की व्यवस्था की जाएगी. परीक्षा की तारीख और शिफ्ट से जुड़ा अंतिम फैसला अभ्यर्थियों की वास्तविक संख्या सामने आने के बाद लिया जाएगा.

निगेटिव मार्किंग करने के पीछे तर्क 

TRE-4 में नेगेटिव मार्किंग को लेकर भी राजेश कुमार सिंह ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि आयोग की अब सभी परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग लागू है और शिक्षक चयन जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में इसका होना बेहतर है. इससे अभ्यर्थी केवल अनुमान लगाकर यानी तुक्का लगाकर उत्तर देने से बचेंगे. गलत उत्तर देने पर उन्हें नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि यह नियम सभी अभ्यर्थियों के लिए समान है, इसलिए इससे किसी को अलग तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए.

परीक्षा में पांचवें विकल्प को लेकर भी अभ्यर्थियों की चिंता पर BPSC ने स्थिति स्पष्ट की है. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि यदि किसी प्रश्न का उत्तर अभ्यर्थी को नहीं पता है तो पांचवां विकल्प चुनना अनिवार्य किया गया है. इसका उद्देश्य उन शिकायतों को रोकना है, जिनमें परीक्षा के बाद खाली छोड़े गए प्रश्नों को लेकर आयोग पर आरोप लगाए जाते थे. उन्होंने बताया कि कुछ अभ्यर्थी पूरी तरह खाली कॉपी छोड़ देते थे और बाद में आरोप लगता था कि आयोग की ओर से उत्तर भर दिया गया. इसी तरह की आशंका को खत्म करने के लिए पांचवां विकल्प अनिवार्य किया गया है.

दिया जा सकता है 15 से 20 मिनट अतिरिक्त समय

यदि किसी अभ्यर्थी ने किसी प्रश्न का कोई भी विकल्प नहीं चुना और पांचवां विकल्प भी नहीं भरा तो उस प्रश्न को गलत माना जाएगा और उस पर नेगेटिव मार्किंग लागू होगी. हालांकि अभ्यर्थियों की ओर से यह चिंता जताई गई है कि प्रत्येक प्रश्न में पांचवां विकल्प भरना अनिवार्य होने से परीक्षा में अतिरिक्त समय लगेगा. परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि आयोग इस समस्या पर गंभीरता से विचार कर रहा है और अभ्यर्थियों को इसके लिए 15 से 20 मिनट अतिरिक्त समय देने पर विचार किया जा रहा है.

AEDO परीक्षा को लेकर भी बड़ा अपडेट

TRE-4 के साथ AEDO परीक्षा को लेकर भी BPSC ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है. AEDO की परीक्षा भी दिसंबर और जनवरी के बीच आयोजित होने की संभावना है. पहले AEDO परीक्षा एक चरण में होनी थी, लेकिन आयोग की सभी परीक्षाओं को दो स्तरीय करने के निर्णय के बाद अब इसमें भी प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा होगी. इसके लिए जल्द ही पोर्टल दोबारा खोला जाएगा और पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को नए सिरे से आवेदन करना होगा.

दिसंबर अथवा जनवरी में परीक्षा 

AEDO में कुल 935 पदों पर भर्ती होनी है. परीक्षा नियंत्रक के अनुसार प्रीलिम्स में वैकेंसी की संख्या से 10 गुना अधिक अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी किया जाएगा. दोबारा आवेदन की प्रक्रिया इसलिए जरूरी होगी क्योंकि पहले अभ्यर्थियों ने एक चरण की परीक्षा के आधार पर आवेदन किया था, जबकि अब परीक्षा दो स्तरों पर आयोजित की जाएगी. आयोग जल्द ही इसके लिए पोर्टल खोलने की तैयारी कर रहा है. इस परीक्षा का आयोजन भी TRE 4 के साथ दिसंबर अथवा जनवरी महीने में हीं किया जाएगा.

राजेश कुमार सिंह ने दो स्तरीय परीक्षा की व्यवस्था के पीछे पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने की जरूरत को प्रमुख कारण बताया. उन्होंने कहा कि 2024 में NEET-UG के पेपर को लेकर विवाद के बाद राधाकृष्णन कमेटी का गठन हुआ था. कमेटी ने पेपर लीक जैसी घटनाओं से परीक्षा को सुरक्षित रखने के लिए दो स्तरीय परीक्षा व्यवस्था का सुझाव दिया था. इसके अलावा बिहार में पेपर लीक के मामलों की जांच करने वाली आर्थिक अपराध इकाई ने भी परीक्षा में पारदर्शिता और पेपर लीक की रोकथाम के लिए दो स्तर की परीक्षा कराने का सुझाव दिया था. इसके बाद BPSC ने अपनी सभी परीक्षाओं को दो स्तरीय कर दिया है.

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