गया में प्रबुद्धजनों के साथ संवाद, मगही भाषा के संरक्षण के लिए अनुसंधान केंद्र का प्रस्ताव

गया। कृषि विभाग, बिहार सरकार के मंत्री एवं गया के प्रभारी मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के साथ गया शहर के प्रबुद्धजनों का संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में गया के जिला पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) सहित प्रशासनिक तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक में गया शहर के विकास, कृषि, जनहित तथा मगध की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने उपस्थित लोगों के विचारों और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा विकास से जुड़े विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। इसी क्रम में अनंत धीश अमन ने मगही भाषा एवं मगध की गौरवशाली विरासत के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण के लिए एक अनुसंधान केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव मंत्री के समक्ष रखा। प्रस्ताव पर मंत्री ने सकारात्मक रुचि दिखाई। मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने उपस्थित लोगों से संवाद के दौरान कहा कि बैठकों एवं सार्वजनिक मंचों पर मगही भाषा में अपनी बात रखने को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने मगध के शौर्य और गौरव को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह विकसित बिहार और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मगही केवल एक भाषा नहीं, बल्कि मगध की सांस्कृतिक पहचान और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ ही मगध के इतिहास, लोक परंपराओं, संस्कृति और भाषाई विरासत के संरक्षण के लिए संस्थागत प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। अनंत धीश अमन ने कहा कि मगही भाषा एवं मगध की विरासत के संरक्षण के लिए अनुसंधान केंद्र की स्थापना भविष्य की पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस दिशा में शीघ्र ही सार्थक पहल होगी और गया सहित पूरे मगध की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी।

Aug 22, 2026 - 18:26
गया में प्रबुद्धजनों के साथ संवाद, मगही भाषा के संरक्षण के लिए अनुसंधान केंद्र का प्रस्ताव

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