सद्भावना दिवस पर सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश
गयाजी। अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज, गया में सद्भावना दिवस-2026 के अवसर पर एक दिवसीय व्याख्यान-सह-सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद एनएसएस स्वयंसेवकों ने एनएसएस गीत प्रस्तुत किया। आमंत्रित अतिथियों का अभिनंदन एवं सम्मान भी किया गया।
एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राकेश राय ने स्वागत भाषण में कहा कि भारत की विविधता उसकी शक्ति है। सामाजिक समरसता, आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना सामुदायिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत करती है।
अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरितेंदु घोषाल ने बुद्ध और गांधी के सद्भावना संबंधी विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके विचार मानव एकता, धार्मिक सहिष्णुता और सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश देते हैं। मगध विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के डॉ. राकेश कुमार रंजन ने भारतीय संस्कृति में सामाजिक सौहार्द एवं सह-अस्तित्व की परंपरा पर विचार व्यक्त किए। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के समाजशास्त्रीय अध्ययन विभाग के डॉ. पारिजात प्रधान ने सामाजिक विविधता एवं सामुदायिक सद्भाव की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डॉ. अनुज कुमार तरुण ने सद्भावना के सामाजिक एवं मानवीय पक्षों पर विचार रखे।
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. नज़ीर अख्तर ने विद्यार्थियों से जाति, धर्म, भाषा एवं क्षेत्र की संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मानवता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. प्रवीण कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. श्वेता सिंह ने किया। समापन विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रगान की प्रस्तुति के साथ हुआ।
इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. धनेश्वर राम, डॉ. मोहन सिंह, डॉ. मानिकमोहन शुक्ला, डॉ. निधि त्रिपाठी, डॉ. सरोज कुमारी, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. अनामिका भगत शीतल, ईशा साईं सहित शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, एनएसएस स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।