पटना में किसानों का हल्ला बोल, सैटेलाइट टाउनशिप के विरोध में जमकर हंगामा
PATNA : राजधानी पटना में मंगलवार को जमकर बवाल हुआ. एक साथ कई संगठनों का मार्च निकला, जिससे उहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गई. इसी कड़ी में किसानों का भी प्रदर्शन देखने को मिला.
पटना में किसानों का प्रदर्शन
सैटेलाइट टाउनशिप के विरोध में हजारों की संख्या में किसान सीएम आवास घेराव करने के लिए गांधी मैदान से निकले. प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि खेती वाली जमीन है, सरकार को किसी भी हाल में नहीं देंगे.
किसानों से अधिकारियों ने की बात
दरअसल, पुनपुन, नौबतपुर जैसे क्षेत्र से ग्रामीण आए हुए थे. किसान प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए समझाने डीएम, एसएसपी, एसपी खुद पहुंचे. हालांकि इस दौरान एक किसान नेता का कहना था कि वो छात्र में शामिल होने नहीं आए हैं. अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. यह महज इत्तेफाक है कि सभी प्रदर्शन एक साथ जुट गए हैं.
क्या है पूरा मामला?
बिहार सरकार ने प्रदेश में 12 सैटेलाइट टाउनशिप बनाने का निर्णय लिया है. टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर नाराजगी चल रही है. हालांकि सरकार बीच का रास्ता निकालना चाह रही है. पाटलिपुत्र टाउनशिप को 30 सेक्टर में विकसित करने का प्रस्ताव है. सरकार 4 मॉडल लैंड पुलिंग, समझौता, हाइब्रिड मॉडल और भूमि खरीद/अधिग्रहण पर काम कर रही है.
जमीन धारकों से होगी बात : मंत्री
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा का कहना है कि आने वाले समय में विभाग किसानों और भू-स्वामियों के बीच जाकर उन्हें योजना के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी देगा. साथ ही उनके सुझावों और विचारों को गंभीरता से सुना जाएगा.
उन्होंने कहा कि इस योजना की सफलता का आधार व्यापक जनभागीदारी और निरंतर संवाद है. विशेष रूप से उन भू-स्वामियों से प्रत्यक्ष संवाद और विमर्श किया जाएगा, जिनकी भूमि योजना के दायरे में आ रही है, ताकि उनकी बातों को समझते हुए उनकी सहभागिता और सहमति के साथ योजना को आगे बढ़ाया जा सके. यह संवाद और विमर्श की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी
मंत्री नीतीश मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि किसानों और भू-स्वामियों के साथ संवाद केवल एक बैठक तक सीमित नहीं रहेगा. विभाग आगे भी उनके बीच जाकर योजना के विभिन्न पहलुओं को समझाएगा और उनकी राय सुनेगा. सरकार का जोर इस बात पर है कि जिन लोगों की जमीन या जीवन इस योजना से प्रभावित हो सकता है, उन्हें विकास प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाए.
9 प्रखंडों के 273 गांव योजना के दायरे में
पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का प्रस्तावित क्षेत्र करीब 81,730 एकड़ में फैला होगा. योजना के दायरे में कुल 9 प्रखंडों के 273 गांव शामिल किए गए हैं. इनमें पुनपुन, नौबतपुर, मसौढ़ी, फतुहा, संपतचक, पटना ग्रामीण, धनरुआ, दनियावां और फुलवारी प्रखंड के क्षेत्र शामिल हैं.
इसके अलावा विशेष क्षेत्र के अंतर्गत दो शहरी क्षेत्र भी प्रस्तावित हैं. इनमें नौबतपुर नगर पंचायत का आंशिक क्षेत्र और पुनपुन नगर पंचायत का पूरा क्षेत्र शामिल है. टाउनशिप के भीतर करीब 3,008 एकड़ का कोर एरिया प्रस्तावित किया गया है, जिसमें पुनपुन प्रखंड के 19 गांव शामिल होंगे.
बड़े निवेश के साथ रोजगार के अवसर
पाटलिपुत्र टाउनशिप के विकास से सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होने की संभावना है. नए शहरी क्षेत्र में आवास, व्यवसाय, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बाजार और सेवा क्षेत्र के विस्तार से आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है. इसके साथ रोजगार के नए और व्यापक अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
'बेहतर शहर, बेहतर अवसर, बेहतर बिहार' की परिकल्पना
पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को सरकार बिहार में भविष्य के शहरी विकास के एक मॉडल के रूप में विकसित करना चाहती है. गुणवत्तापूर्ण आवास, सुगम और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन, आधुनिक शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वच्छ एवं हरित वातावरण और बेहतर नगर सेवाओं की समेकित व्यवस्था इसके प्रमुख हिस्से होंगे. इसके साथ रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की भी परिकल्पना की गई है.
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