MMDR विधेयक के खिलाफ आर-पार के मूड में कांग्रेस, बोले सुबोध कांत सहाय : खनिज, जमीन हमारा...फैसला दिल्ली का नहीं चलेगा
RANCHI : खान एवं खनिज विकास और विनियम विधेयक के खिलाफ कांग्रेस आर-पार की लड़ाई लड़ेगी. इसके लिए पार्टी ने वृहद कार्यक्रम तय किया है. पार्टी द्वारा 27 अगस्त को जिलास्तर पर धरना प्रदर्शन के अलावा 7 सितंबर को राज्यस्तरीय कार्यक्रम के तहत लोकभवन पर प्रदर्शन कार्यक्रम निर्धारित किया गया है. पार्टी ने 9 से 16 सितंबर तक सभी प्रखंडों में धरना प्रदर्शन के जरिए लोगों को इस विधेयक से झारखंड को होने वाली क्षति के प्रति जागरूक करने का निर्णय लिया है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लगाया आर्थिक कुठाराघात का आरोप
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने इसे झारखंड जैसे राज्य पर केंद्र के द्वारा आर्थिक कुठाराघात करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की घोषणा की है. कांग्रेस कार्यालय में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए सुबोध कांत सहाय ने कहा कि केंद्र मनमाने तरीके से इसे राज्यों पर थोपना चाह रही है. जिसे झारखंड के लोग स्वीकार नहीं करेंगे.
एमएमडीआर विधेयक से आदिवासी अधिकारों पर हमला
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा कि एमएमडीआर विधेयक के जरिए आदिवासी मूलवासी अधिकारों पर कुठाराघात हुआ है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से 14 हजार करोड़ जो हमें सेस और रॉयल्टी से पैसा आता है. इसपर केंद्र का क्यों नजर है. झारखंड सरकार का जो 2026-27 का बजट बना है. उसमें 14 हजार करोड़ भी शामिल है. इससे जुड़ी योजनाएं इसमें समाहित है. यदि यह पैसा नहीं मिलेगा तो जो विकास के कार्य हैं. वह कैसे पूरा होगा.
'खनिज हमारा, फैसला दिल्ली का'
उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि खनिज हमारा. जमीन हमारा लेकिन फैसला दिल्ली का. यहां राजनीतिक करने वाले जो वर्षों तक राज किया. क्या उनका इसके प्रति कोई दायित्व है. सुबोध कांत सहाय ने सुप्रीम कोर्ट के 2024 में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यह फैसला नौ जजों के बेंच ने दिया था कि राज्य को उसके खनिज और उससे जुड़े हुए जो चीजों का अधिकार रहेगा.
संख्या बल पर बिल पास करने का आरोप
सुबोध कांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नरेंद्र मोदी की सरकार ने अपनी गिनती के जोर पर लोकसभा और राज्यसभा में बिल पास कर बदल दिया है. उन्होंने कहा कि एमएमडीआर के बाद राज्य को होने वाली 14 हजार करोड़ की क्षति का वैकल्पिक व्यवस्था क्या होगा. इसे केंद्र को बताना चाहिए. उसकी भरपाई क्या केंद्र करेगी. क्या कोई इसके बारे में आश्वासन देगा.
भाजपा सांसदों से केंद्र पर दबाव बनाने की अपील
सुबोध कांत सहाय ने राज्य में भाजपा और उसके सांसदों को इस संबंध में केंद्र पर दबाव बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य को होने वाले इससे आर्थिक हानि के संबंध में बातचीत करनी चाहिए. इस विधेयक की आलोचना करते हुए सुबोध कांत सहाय ने कहा कि खनन क्षेत्र की रखवाली भी केंद्रीय पुलिस करेगी. यानी धीरे-धीरे यहां केंद्र शासित प्रदेश की तरह का व्यवहार राज्यों पर होगा.
बोकारो में राजेश ठाकुर ने केंद्र पर किया हमला
बोकारो पहुंचे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने एमएमडीआर बिल को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने संशोधित एमएमडीआर बिल को संविधान पर हमला बताते हुए कहा कि इसके लागू होने से झारखंड को हर साल करीब 14 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होगा. बोकारो सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए राजेश ठाकुर ने कहा कि राज्य को यह राशि नहीं मिलने से महिला सम्मान योजना जैसी योजनाएं प्रभावित होगी और राज्य की महिलाओं को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा.
भाजपा नेताओं से लाभ बताने की मांग
राजेश ठाकुर ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे एमएमडीआर बिल के संशोधन को राज्य के हित में बता रहे हैं. तो उन्हें यह बताना चाहिए कि इससे राज्य को क्या लाभ होने वाला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बिल से होने वाले नुकसान की जानकारी है. साथ ही दावा किया कि भाजपा के कई कार्यकर्ता और नेता भी दबे जुबान कांग्रेस के इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं.
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