इफको के एक दिवसीय बिक्री केंद्र प्रभारी प्रशिक्षण कार्यक्रम में जैविक उर्वरकों के उपयोग एवं लाभ के बारे में जानकारी दी गई

झारखंड की मृदा में लगातार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग के कारण जैविक कार्बन की कमी होती जा रही है, जिससे  मिट्टी में रहने वाले विभिन्न प्रकार के सूक्ष्म जीव मिट्टी में विलुप्त होते जा रहे हैं और मृदा के स्वास्थ्य में प्रतिकूल असर डाल रहे हैं।

Aug 19, 2026 - 22:22
इफको के एक दिवसीय बिक्री केंद्र प्रभारी प्रशिक्षण कार्यक्रम में जैविक उर्वरकों के उपयोग एवं लाभ के बारे में जानकारी दी गई

इफको रांची के द्वारा एक दिवसीय बिक्री केंद्र प्रभारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रामाकृष्णा मिशन आश्रम के सचिव स्वामी भावेशानंद स्वामी,  इफको बाजार के मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती मधुलिका शुक्ला , चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर R.K.S राठौर, झारखंड राज्य के राज्य विपणन प्रबंधक डॉ शशिभूषण समदर्शी, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विज्ञान के चीफ साइंटिस्ट बीके अग्रवाल, क्षेत्र अधिकारी श्री सुशील , सोमन पात्रा के अलावा 50 विक्रेता बंधुओं ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए स्वामी भावेशानंद स्वामी ने प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी देते हुए कहा के झारखंड की मृदा में लगातार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग के कारण जैविक कार्बन की कमी होती जा रही है, जिससे  मिट्टी में रहने वाले विभिन्न प्रकार के सूक्ष्म जीव मिट्टी में विलुप्त होते जा रहे हैं और मृदा के स्वास्थ्य में प्रतिकूल असर डाल रहे हैं। उन्होंने गौमूत्र एवं गाय के गोबर के उपयोग को प्राथमिकता देने की बात कही।

इफको बाजार के मैनेजिंग डायरेक्टर ने किसानों को सागरिका , नेचुरल पोटाश एवं ह्यूमिक एसिड जैसे जैविक उर्वरकों के उपयोग एवं लाभ के बारे में जानकारी दी , तथा रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर नेचुरल पोटाश उपयोग करने की सलाह दी।
डॉ शशिभूषण समदर्शी ने मृदा संरक्षण के लिए  रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को आधा करने तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग करने की विधि की विस्तार में जानकारी दी।

आर.के.श राठौर ने इफको बाजार के विभिन्न उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0