झारखंड BJP का हेमंत सरकार पर हमला, राजनीतिक प्रस्ताव में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल
रांची: झारखंड में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन राजनीतिक प्रस्ताव-02 सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस प्रस्ताव के जरिए भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और आदिवासी अस्मिता जैसे मुद्दों पर घेरा। पार्टी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष तेज करने का संकल्प व्यक्त किया।
रांची: झारखंड में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन राजनीतिक प्रस्ताव-02 सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस प्रस्ताव के जरिए भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और आदिवासी अस्मिता जैसे मुद्दों पर घेरा। पार्टी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष तेज करने का संकल्प व्यक्त किया।
बाबूलाल मरांडी ने पेश किया राजनीतिक प्रस्ताव
कार्यसमिति बैठक के दूसरे दिन चौथे सत्र में राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रस्ताव पेश करते हुए राज्य सरकार की कार्यशैली और नीतियों पर सवाल उठाए। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, सत्येंद्र नाथ तिवारी और मंजू कुमारी ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया।
प्रस्ताव में भाजपा ने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य में भ्रष्टाचार, कथित कुशासन और रोजगार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है।
'अबुआ सरकार' के नारे पर भाजपा ने उठाए सवाल
भाजपा ने अपने राजनीतिक प्रस्ताव में 'अबुआ सरकार' के नारे को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने इसे 'ठगुआ सरकार' करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार के दावों और जमीनी परिस्थितियों के बीच अंतर है।
यह भाजपा की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है। प्रस्ताव में पार्टी ने सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर अपनी असहमति जाहिर की।
आदिवासी अस्मिता, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर चर्चा
राजनीतिक प्रस्ताव में आदिवासी अस्मिता, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को शामिल किया गया। भाजपा ने इन विषयों को राज्य के विकास और आम लोगों के हितों से जोड़ते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
पार्टी का कहना है कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। भाजपा ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों के माध्यम से इन विषयों को जनता के बीच ले जाने और सरकार की नीतियों का विरोध करने का संकल्प जताया।
दो दिवसीय बैठक के बाद आगे की रणनीति पर जोर
भाजपा कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में संगठन और राज्य से जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर मंथन किया गया। पार्टी नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले मार्गदर्शन के बाद नई ऊर्जा और उत्साह के साथ आगे बढ़ने की बात कही।
राजनीतिक प्रस्ताव के सर्वसम्मति से पारित होने के बाद भाजपा ने जनविरोधी बताई जा रही नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प दोहराया। अब देखना होगा कि पार्टी इन मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में क्या राजनीतिक और संगठनात्मक कदम उठाती है।
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