पलामू में ‘परवाज़’ अभियान की शुरुआत, स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर शिक्षा से जोड़ने की पहल

पलामू: झारखंड के पलामू जिले में स्कूल छोड़ चुके और अब तक विद्यालय में नामांकन नहीं करा पाए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘पलामू परवाज़’ अभियान की शुरुआत की गई। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने शनिवार को चैनपुर में इस विशेष अभियान का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूल तक पहुंचाना और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करना है।

Oct 10, 2026 - 18:21
Oct 10, 2026 - 18:26
पलामू में ‘परवाज़’ अभियान की शुरुआत, स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर शिक्षा से जोड़ने की पहल

पलामू: झारखंड के पलामू जिले में स्कूल छोड़ चुके और अब तक विद्यालय में नामांकन नहीं करा पाए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘पलामू परवाज़’ अभियान की शुरुआत की गई। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने शनिवार को चैनपुर में इस विशेष अभियान का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूल तक पहुंचाना और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करना है।

शिक्षा के महत्व के बारे में किया जागरूक

अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में उपायुक्त ने बच्चों और उनके अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव है। इसके माध्यम से बच्चे ज्ञान प्राप्त करने के साथ अपने अधिकारों को समझ सकते हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

उपायुक्त ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई को गंभीरता से लें और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजें। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की जिम्मेदारी केवल सरकार और विद्यालयों की नहीं है, बल्कि माता-पिता और समाज की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।

स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान पर जोर

‘पलामू परवाज़’ अभियान के तहत उन बच्चों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा, जो किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं या अब तक स्कूल में नामांकित नहीं हो पाए हैं। ऐसे बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने और उनके अभिभावकों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उपायुक्त ने कहा कि किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि स्कूल से दूर हो चुके बच्चों की पहचान की जाए और उन्हें दोबारा पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

100 से अधिक बच्चे और अभिभावक हुए शामिल

चैनपुर में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में 100 से अधिक बच्चे अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की शिक्षा, अभिभावकों की जिम्मेदारी और पढ़ाई जारी रखने के महत्व पर चर्चा की गई।

‘पलामू परवाज़’ अभियान से जिले में स्कूल छोड़ चुके और नामांकन से वंचित बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की उम्मीद है। हालांकि, अभियान की वास्तविक सफलता बच्चों की पहचान, विद्यालयों में उनके पुनर्नामांकन और पढ़ाई जारी रखने के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर निर्भर करेगी।

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