बेरमो में दिव्यांग की टूटी ट्राई साइकिल बनी परेशानी, विधायक और बीडीओ की पहल से मिला नया सहारा
बेरमो: झारखंड के बेरमो में इंसानियत और सामाजिक सहयोग की मिसाल सामने आई है। पुराना बीडीओ कार्यालय के पास एक दिव्यांग व्यक्ति की ट्राई साइकिल टूट जाने से उसके सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई। उसकी परेशानी देखकर स्थानीय लोगों ने मदद के लिए पहल की। इसके बाद बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह और बीडीओ मुकेश कुमार के सहयोग से दिव्यांग व्यक्ति को ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
बेरमो: झारखंड के बेरमो में इंसानियत और सामाजिक सहयोग की मिसाल सामने आई है। पुराना बीडीओ कार्यालय के पास एक दिव्यांग व्यक्ति की ट्राई साइकिल टूट जाने से उसके सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई। उसकी परेशानी देखकर स्थानीय लोगों ने मदद के लिए पहल की। इसके बाद बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह और बीडीओ मुकेश कुमार के सहयोग से दिव्यांग व्यक्ति को ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
जानकारी के अनुसार, कंजकीरो निवासी एक दिव्यांग व्यक्ति की ट्राई साइकिल अचानक टूट गई थी। ट्राई साइकिल उसके रोजमर्रा के जीवन का महत्वपूर्ण सहारा थी। इसके खराब हो जाने से उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
स्थानीय युवकों ने दिखाई संवेदनशीलता
दिव्यांग व्यक्ति की परेशानी देखकर स्थानीय निवासी चंदन तिवारी, मुन्ना और राजू ने उसकी मदद करने का निर्णय लिया। तीनों ने बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह और प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मुकेश कुमार को फोन कर मामले की जानकारी दी और सहायता का अनुरोध किया।
समाजसेवी संस्था के सहयोग से मिली ट्राई साइकिल
मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक और बीडीओ की पहल पर ओम अग्रवाल ने श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के माध्यम से दिव्यांग व्यक्ति के लिए ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। ट्राई साइकिल मिलने के बाद उसे सुरक्षित उसके आवास तक पहुंचाया गया।
नया सहारा मिलने से दिव्यांग व्यक्ति को आवागमन में राहत मिली। इस पहल में स्थानीय युवकों की संवेदनशीलता के साथ जनप्रतिनिधि, प्रशासन और समाजसेवी सहयोग की भूमिका भी सामने आई।
सामाजिक सहयोग से आसान हुई राह
यह घटना बताती है कि जरूरत के समय लोगों की छोटी-सी पहल भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। चंदन तिवारी, मुन्ना और राजू की पहल, विधायक कुमार जयमंगल सिंह और बीडीओ मुकेश कुमार के सहयोग तथा ओम अग्रवाल के प्रयास से दिव्यांग व्यक्ति को मुश्किल समय में मदद मिल सकी।
दिव्यांगजनों के लिए आवागमन के साधन केवल सुविधा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और दैनिक जीवन की जरूरत भी हैं। ऐसे में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए समाज और प्रशासन का आपसी सहयोग महत्वपूर्ण है।
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