नालंदा में उत्पाद सिपाही अजीत की मौत का मामला: अपनी ही टीम की गोली लगने का दावा, महिला दारोगा समेत 3 हिरासत में
नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले में जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। शुरुआत में दावा किया गया था कि शराब तस्करों की फायरिंग में सिपाही को गोली लगी थी, लेकिन अब जांच में उनकी अपनी ही टीम के एक होमगार्ड जवान की राइफल से चली गोली लगने की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है। इस मामले में टीम का नेतृत्व कर रही महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत तीन कर्मियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले में जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। शुरुआत में दावा किया गया था कि शराब तस्करों की फायरिंग में सिपाही को गोली लगी थी, लेकिन अब जांच में उनकी अपनी ही टीम के एक होमगार्ड जवान की राइफल से चली गोली लगने की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है। इस मामले में टीम का नेतृत्व कर रही महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत तीन कर्मियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
शराब तस्करों की फायरिंग की कहानी पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को शराब तस्करों के खिलाफ अभियान के दौरान उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार को गोली लगी थी। गंभीर रूप से घायल अजीत को पहले पावापुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उनकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद शुरुआती जानकारी में इसे शराब तस्करों की ओर से की गई फायरिंग का परिणाम बताया गया था। हालांकि, जांच आगे बढ़ने के साथ गोली चलने की परिस्थितियों को लेकर नए तथ्य सामने आने लगे। अब यह जांच की जा रही है कि गोली किसकी राइफल से चली और किन परिस्थितियों में सिपाही अजीत उसकी चपेट में आए।
महिला दारोगा समेत तीन कर्मी हिरासत में
मामले में महिला दारोगा पुष्पा कुमारी और दो जवानों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि पुष्पा कुमारी उस टीम का नेतृत्व कर रही थीं, जो शराब तस्करी के खिलाफ अभियान में शामिल थी।
जांच के दौरान टीम के सदस्यों की भूमिका और घटना के बाद दी गई जानकारी की भी पड़ताल की जा रही है। आरोप है कि घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई थी। हालांकि, इस पहलू की आधिकारिक पुष्टि और हिरासत में लिए गए कर्मियों की भूमिका जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। एसआईटी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ था, गोली कैसे चली और घटना के बाद अधिकारियों को क्या जानकारी दी गई।
जांच टीम संबंधित कर्मियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि अभियान के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।
शराब तस्करी नेटवर्क की भी पड़ताल
सिपाही अजीत कुमार की मौत की जांच के साथ-साथ शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है। शराब की खेप लेकर जा रहे वाहन, उसके संचालकों और तस्करी में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इस सिलसिले में जांच टीम के झारखंड जाने की भी जानकारी है।
फिलहाल, इस मामले में कई सवालों के जवाब मिलना बाकी है। पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि गोली किन परिस्थितियों में चली, घटना के बाद क्या जानकारी दी गई और इसमें संबंधित कर्मियों की क्या भूमिका थी।
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