पटना में आइसा के प्रदर्शन के दौरान हंगामा, पुलिस की गाड़ी से चाबी लेकर भागा प्रदर्शनकारी; 10 छात्र हिरासत में
पटना: बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को छात्र संगठन आइसा के प्रदर्शन के दौरान जेपी गोलंबर के पास अफरातफरी मच गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लेकर अपनी गाड़ी में बैठाया था। इसी बीच एक प्रदर्शनकारी पुलिस की गाड़ी से चाबी निकालकर फरार हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच हलचल मच गई और पुलिस की गाड़ी वहीं खड़ी रह गई।
पटना: बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को छात्र संगठन आइसा के प्रदर्शन के दौरान जेपी गोलंबर के पास अफरातफरी मच गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लेकर अपनी गाड़ी में बैठाया था। इसी बीच एक प्रदर्शनकारी पुलिस की गाड़ी से चाबी निकालकर फरार हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच हलचल मच गई और पुलिस की गाड़ी वहीं खड़ी रह गई।
गांधी मैदान से निकाला गया प्रदर्शन मार्च
आइसा बिहार की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन मार्च निकाला गया था। मार्च गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। भाकपा माले विधायक संदीप सौरव भी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे।
प्रदर्शनकारी जब जेपी गोलंबर से आगे बढ़ने लगे, तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लेकर गाड़ियों में बैठाया। खबर के अनुसार, करीब 10 छात्र पुलिस की गाड़ी में हिरासत में रखे गए थे।
पुलिस की गाड़ी से चाबी निकालकर फरार हुआ प्रदर्शनकारी
हिरासत के दौरान एक प्रदर्शनकारी पुलिस की गाड़ी का गेट खोलकर उसकी चाबी निकालने में सफल रहा और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस की गाड़ी वहीं खड़ी रह गई। हालांकि, प्रदर्शनकारी की पहचान और उसके बाद पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
आइसा ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
आइसा के समस्तीपुर जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनके साथ सख्ती करते हुए उन्हें जबरन गाड़ियों में बैठाया। उन्होंने दावा किया कि छात्रों को गर्मी में गाड़ी के अंदर बंद रखा गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद एक प्रदर्शनकारी गाड़ी की चाबी लेकर कैसे फरार हो गया।
प्रदर्शन के दौरान विधायक संदीप सौरव को भी हल्की चोट लगने की बात सामने आई। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और कहा कि संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में कथित धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए।
SIR रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग
आइसा की प्रमुख मांगों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया रद्द करना, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करना शामिल है। संगठन का कहना है कि SIR की प्रक्रिया से मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित होने की आशंका है।
प्रदर्शन के दौरान हुई धक्का-मुक्की, छात्रों की हिरासत और पुलिस की गाड़ी से चाबी निकालकर फरार होने की घटना ने पटना में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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