राहुल गांधी पर महिला पत्रकार से धक्का-मुक्की का आरोप, गर्भवती होने का दावा; घटना के बाद सियासी विवाद

पटना/नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। बिहार के सिवान जिले की रहने वाली पत्रकार रिचा पराशर ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने उन्हें खींचा। पत्रकार का दावा है कि इस दौरान उनके कैमरामैन को भी धक्का लगा, जिससे वह उनके ऊपर गिर गए। घटना के बाद उन्हें चोट लगने की आशंका हुई।

Oct 13, 2026 - 10:57
राहुल गांधी पर महिला पत्रकार से धक्का-मुक्की का आरोप, गर्भवती होने का दावा; घटना के बाद सियासी विवाद

पटना/नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। बिहार के सिवान जिले की रहने वाली पत्रकार रिचा पराशर ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने उन्हें खींचा। पत्रकार का दावा है कि इस दौरान उनके कैमरामैन को भी धक्का लगा, जिससे वह उनके ऊपर गिर गए। घटना के बाद उन्हें चोट लगने की आशंका हुई।

बयान लेने के दौरान हुई कथित धक्का-मुक्की

रिपोर्ट के मुताबिक, रिचा पराशर सुप्रीम कोर्ट के बाहर मौजूद थीं और राहुल गांधी से प्रतिक्रिया लेने के लिए माइक लेकर आगे बढ़ीं। उनका आरोप है कि शुरुआत में सुरक्षा कर्मियों ने उनका माइक हटाया। इसके बाद जब अन्य मीडियाकर्मी नेताओं का बयान लेने पहुंचे, तो वह भी बाइट लेने के लिए आगे बढ़ीं। इसी दौरान उनके साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की हुई।

तीन महीने की गर्भवती होने का दावा

महिला पत्रकार ने दावा किया कि वह तीन महीने की गर्भवती हैं। उनके मुताबिक, घटना के बाद उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और घटना में लगी चोटों की प्रकृति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

घटना पर गरमाई राजनीति

इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने घटना को लेकर राहुल गांधी की आलोचना की और उनके व्यवहार पर सवाल उठाए। वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खबर प्रकाशित होने तक कांग्रेस की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

पत्रकारों की सुरक्षा पर उठे सवाल

यह घटना राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा और नेताओं से सवाल पूछने के अधिकार को लेकर बहस खड़ी करती है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में मीडिया की मौजूदगी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पत्रकारों के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल, मामले में पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोपों और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान को अलग-अलग देखना जरूरी है। घटना की स्वतंत्र पुष्टि और राहुल गांधी या कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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