रांची में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी मांग

Jul 20, 2026 - 19:28
रांची में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी मांग

RANCHI : लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पैरोकार सोनम वांगचुक के समर्थन में और साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को राजधानी रांची में विभिन्न छात्र-युवा संगठनों और वामपंथी राजनीतिक दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया. युवा छात्र, राजनीतिक संगठन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भाकपा (माले) और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता अल्बर्ट एक्का चौक पर एकत्र हुए.

केंद्र सरकार आवाज दबाने का प्रयास कर रहीः प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है तथा सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है.

संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयासः भुवनेश्वर मेहता

प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की. प्रदर्शन में शामिल सीपीआई के वरिष्ठ नेता भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि देश का संविधान लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा का सबसे बड़ा आधार है, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार संविधान की मूल भावना के अनुरूप काम नहीं कर रही है. उनका आरोप था कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों को लगातार कमजोर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन मौजूदा समय में विरोध करने वालों को दबाने का प्रयास हो रहा है.

सवालों का जवाब सरकार के पास नहींः महेंद्र पाठक

प्रदर्शन में शामिल महेंद्र पाठक ने कहा कि देश के छात्र और युवा लगातार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों का जवाब सरकार के पास नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के हितों की रक्षा के लिए गंभीर पहल करनी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

भाकपा (माले) के नेता आनंद प्रसाद गुप्ता ने कहा कि छात्र-युवा लोकतंत्र की सबसे मजबूत आवाज हैं, यदि उनकी बात नहीं सुनी जाएगी तो आंदोलन और व्यापक होगा. उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए.

सवाल पूछने वालों को बदनाम करने की कोशिशः राजेश लिंडा

वहीं आम आदमी पार्टी के जोनल प्रभारी राजेश लिंडा ने कहा कि सोनम वांगचुक जैसे शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता पर इस तरह की टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से सवाल पूछने वालों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है.

प्रदर्शन के दौरान अल्बर्ट एक्का चौक पर कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा. हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्वरूप दिया जाएगा. उनका कहना था कि छात्रों के अधिकार, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.

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