रांची में 16 सेवानिवृत्त शिक्षक-कर्मचारियों को मिला सम्मान, DC मंजूनाथ भजंत्री ने कहा- सेवानिवृत्ति नहीं, जीवन का नया अध्याय शुरू हुआ

रांची: जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय भवन के ब्लॉक-ए में पेंशन दरबार सह सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के कुल 16 सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने सभी को नई जीवन यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके लंबे सेवाकाल और समाज के प्रति योगदान की सराहना की।

Oct 31, 2026 - 17:52
रांची में 16 सेवानिवृत्त शिक्षक-कर्मचारियों को मिला सम्मान, DC मंजूनाथ भजंत्री ने कहा- सेवानिवृत्ति नहीं, जीवन का नया अध्याय शुरू हुआ

रांची: जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय भवन के ब्लॉक-ए में पेंशन दरबार सह सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के कुल 16 सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने सभी को नई जीवन यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके लंबे सेवाकाल और समाज के प्रति योगदान की सराहना की।

समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य के निर्माता होते हैं। बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और समाज को सही दिशा देने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रांची जिले में शिक्षक सम्मान सह सेवानिवृत्ति दरबार लगातार 22 महीनों से नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मान देना तथा उनके सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ समय पर उपलब्ध कराना है।

सेवानिवृत्ति के दिन ही दिए जा रहे सभी लाभ

उपायुक्त ने बताया कि रांची जिले में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को उनके सभी देय सेवानिवृत्ति लाभ सेवानिवृत्ति के दिन ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। शनिवार को भी सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ तत्काल उपलब्ध कराए गए। इस व्यवस्था के लिए उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक और शिक्षा विभाग की पूरी टीम की सराहना की।

उन्होंने कहा कि 22 महीनों से लगातार इस कार्यक्रम का आयोजन होना रांची जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल पूरे राज्य में अनूठी है और इसे नियमित रूप से जारी रखा जा रहा है।

सेवानिवृत्ति को जीवन का नया पड़ाव मानें

सेवानिवृत्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि 30 से 35 वर्षों तक सेवा देने के बाद अब उनके जीवन का एक नया पड़ाव शुरू हुआ है। इसे केवल सेवानिवृत्ति न समझें, बल्कि जीवन के नए चरण के रूप में स्वीकार करें। अब उनके पास अपने स्वास्थ्य, परिवार और समाज के लिए समय निकालने का अवसर है।

उन्होंने सभी से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा अपने स्वास्थ्य के लिए निकालने की अपील की। साथ ही कहा कि शिक्षक अपने अनुभव और ज्ञान का लाभ समाज तथा नई पीढ़ी को देते रहें।

मोबाइल की बढ़ती लत पर जताई चिंता

उपायुक्त ने युवा पीढ़ी में मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के युवा मोबाइल पर काफी अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, जिसका उनके जीवन और विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सेवानिवृत्त शिक्षक अपने अनुभव से युवाओं का मार्गदर्शन करें और उन्हें जागरूक बनाएं।

उन्होंने शिक्षकों से समाज के वंचित और शोषित वर्ग के बच्चों को शिक्षित करने तथा एक जागरूक, समृद्ध और बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान जारी रखने की अपील की। अंत में उपायुक्त ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षक-कर्मचारियों को राज्य सरकार, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से शुभकामनाएं दीं।

समारोह में कुल 16 सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

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