मधुबनी में जमीन विवाद को लेकर बवाल, घर उजाड़ने से लेकर मारपीट और लूटपाट तक के आरोप
बिहार के मधुबनी जिले के पंडौल थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक परिवार ने मारपीट, लूटपाट और जबरन ले जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि पहले उनका पैतृक घर उजाड़ दिया गया और अब ससुराल में भी हमला किया गया है। पीड़ितों ने पुलिस पर मदद नहीं करने और पैसे मांगने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
बिहार के मधुबनी जिले के पंडौल थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक परिवार ने मारपीट, लूटपाट और जबरन ले जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि पहले उनका पैतृक घर उजाड़ दिया गया और अब ससुराल में भी हमला किया गया है। पीड़ितों ने पुलिस पर मदद नहीं करने और पैसे मांगने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
2021 में घर उजाड़ने का आरोप
पीड़ित जितेंद्र कुमार मंडल के अनुसार, वर्ष 2021 में राजेग्राम गांव में जमीन विवाद के बाद भौर पंचायत के वार्ड नंबर 6 के वार्ड सदस्य राम कुमार मंडल पर उनका घर उजाड़ने का आरोप है। पीड़ित का कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें अपने परिवार के साथ गांव छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बाद परिवार ने बिट्ठो स्थित अपने ससुराल में शरण ली।
19 अक्टूबर को ससुराल में हमले का आरोप
जितेंद्र कुमार मंडल ने आरोप लगाया कि 19 अक्टूबर 2026 को 45 हजार रुपये के कर्ज और जमीन विवाद को लेकर उनके ससुराल में हमला किया गया। पीड़ित ने इस मामले में लुक्कर यादव समेत अन्य लोगों और दिलीप झा की कथित संलिप्तता का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने ससुर संतोष चौधरी को जबरन साथ ले जाने और घर में लूटपाट किए जाने का भी दावा किया है।
मां-बेटे घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज
घटना में जितेंद्र कुमार मंडल और उनकी मां गीता देवी के घायल होने की बात सामने आई है। दोनों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। परिवार का आरोप है कि लगातार विवाद और कथित हमलों के कारण वे भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। कवरेज के दौरान परिवार के एक छोटे बच्चे के पत्रकार को देखकर बेड के नीचे छिप जाने की बात भी सामने आई, जो परिवार की दहशत को दर्शाती है।
पुलिस पर मदद नहीं करने का आरोप
पीड़ित जितेंद्र कुमार मंडल ने पंडौल थाना पुलिस पर शिकायत के बावजूद मदद नहीं करने और पैसे मांगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वे एसएसपी और डीएसपी तक अपनी फरियाद पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है। इन आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जमीन विवाद से जुड़े इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कब होगी और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा? मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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