जीबीएम कॉलेज ने जिले के विभिन्न गाँवों एवं ग्रामीण विद्यालयों में चलाया जागरूकता कार्यक्रम
विकसित भारत 2047 विजन तथा "उन्नत भारत अभियान योजना से जोड़ा छात्र-छात्रा, शिक्षक तथा अभिभावकों को
गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज ने भारत सरकार के "विकसित भारत 2047 विजन" तथा "उन्नत भारत अभियान योजना" के तहत प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल के निर्देश पर तथा ग्लैड भारत फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कटारी हिल गांव में स्थित ग्लैड भारत पाठशाला में वहां उपस्थित लोगों तथा बच्चों के बीच जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में गांव के दो से बारह साल के पचास-साठ से अधिक बच्चे उपस्थित थे। इन बच्चों के बीच विभिन्न प्रकार की खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया। जीबीएम कॉलेज की छात्राओं ने बच्चों के साथ पासिंग बॉटल गेम, नंबर गेम, तथा म्यूजिकल चेयर जैसे खेलों का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अनेक ग्रामीण भी उपस्थित थे। सेंटर लीडर पूनम देवी ने कार्यक्रम में अपना सहयोग दिया। इस कार्यक्रम को जीबीएम कॉलेज की विकसित भारत एवं उन्नत भारत अभियान की नोडल ऑफिसर डॉ अमृता कुमारी घोष एवं डॉ वीणा कुमारी जायसवाल ने कॉलेज की छात्रा मानवी कुमारी, नंदनी कुमारी, मुस्कान कुमारी, खुशी कुमारी ,सलोनी कुमारी, एवं मोनिका आनंद की उत्साहपूर्ण प्रतिभागिता ने सफल बनाया। स्कूल के विद्यार्थियों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकगण तथा अभिभावकों को विकसित भारत 2047 विजन तथा "उन्नत भारत अभियान योजना से जोड़ा गया। कॉलेज की पीआरओ डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी ने बताया कि विकसित भारत 2047 तथा उन्नत भारत कार्यक्रम के तहत ही कॉलेज द्वारा काशमी माध्यमिक स्कूल, प्राथमिक विद्यालय, जिंदापुर, माध्यमिक विद्यालय, कटारी, माध्यमिक विद्यालय अलखदेव, प्राथमिक विद्यालय, बैजूबिगहा, मॉडर्न एकेडमी, बरबीघा, चित्रगुप्त मध्य विद्यालय, सर्वोदय विद्या मंदिर तथा गया नगर निगम, विद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियाँ कराई जा चुकी हैं। डॉ रश्मि ने बताया कि कार्यक्रम के दरम्यान शिक्षिकाओं ने बच्चों को पढ़ाया भी तथा अभिभावकों के साथ भी विचार-विमर्श किया। कॉलेज एवं ग्लैड फांउडेशन की पहल पर रामपुर, बापूनगर, जिंदापुर एवं अलखदेव जैसे गाँवों में सैनेटरी पैड एटीएम स्थापित किए गए तथा सैनेटरी पैड वितरित भी किए गए। माहवारी स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के तहत प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित करके गाँवों की महिलाओं से संपर्क बढ़ाया गया। जागरूकता कार्यक्रम से छात्राओं के साथ गाँव में निवासित महिलाओं की भी माहवारी से जुड़ी भ्रांतियाँ दूर हो सकीं। इस अभियान में सपना, अश्विनी, ननकी, अस्मिता, दीपा, शबनम, हनीफा, मोनिका, शिवानी, अंजली आदि ने भी बढ़चढ़कर भाग लिया।
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