बगहा में पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने पर पति को 10 साल की सजा, सास-ससुर भी दोषी
बिहार के बगहा में दहेज प्रताड़ना और पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अदालत ने पति को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत ने पति रंजीत चौधरी के साथ उसकी मां दयमंती देवी और पिता मथुरा प्रसाद को भी दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
बिहार के बगहा में दहेज प्रताड़ना और पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अदालत ने पति को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत ने पति रंजीत चौधरी के साथ उसकी मां दयमंती देवी और पिता मथुरा प्रसाद को भी दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
मामला रामनगर थाना कांड संख्या 28/2017 से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, रीना देवी की शादी वर्ष 2002 में रंजीत चौधरी के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग को लेकर रीना देवी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। 19 जनवरी 2017 को रीना देवी की आग में जलने से मौत हो गई थी। इसके बाद मृतका के पिता उपेन्द्र प्रसाद की शिकायत पर रामनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में पेश किए गए। लोक अभियोजक जितेन्द्र भारती के मुताबिक, प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पति रंजीत चौधरी, सास दयमंती देवी और ससुर मथुरा प्रसाद को दोषी पाया।
अदालत ने पति रंजीत चौधरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत 10 वर्ष की कठोर कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, धारा 498ए के तहत तीन वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
दूसरी ओर, सास दयमंती देवी और ससुर मथुरा प्रसाद को धारा 306 के तहत तीन-तीन वर्ष की कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इसके अलावा, धारा 498ए के तहत दोनों को तीन-तीन वर्ष का कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया।
इस फैसले के साथ ही वर्ष 2017 के इस मामले में अदालत ने दहेज प्रताड़ना और पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों पर अपना निर्णय सुनाया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0





