शिक्षकों के सम्मान से ही मजबूत होगा राष्ट्र का भविष्य : डॉ. मनीष पंकज मिश्रा
गयाजी। देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक, शिक्षाविद एवं भारत रत्न से सम्मानित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शनिवार को शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा के नूतन नगर स्थित कार्यालय में किया गया। समारोह में क्षेत्र के अनेक सम्मानित शिक्षकों ने भाग लिया।
इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने उपस्थित शिक्षकों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें पेन, डायरी, अंगवस्त्र एवं फूलों का बुके भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान समाज और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि भारत में शिक्षक दिवस महान शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मनाया जाता है। उनका पूरा जीवन शिक्षा, ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। उनका मानना था कि किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव उसकी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के मार्गदर्शन पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार, नैतिकता, कर्तव्यबोध और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करते हैं। यही विद्यार्थी आगे चलकर समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए समाज में शिक्षकों को सदैव सम्मानजनक स्थान प्राप्त रहा है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि बदलते दौर में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, सभ्यता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाते रहने का आह्वान किया।
समारोह में सम्मानित शिक्षकों ने डॉ. मनीष पंकज मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के कार्यालय में शिक्षकों को सम्मानित किया जाना उनके लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। इस प्रकार के सम्मान से शिक्षकों को अपने दायित्वों के प्रति और अधिक उत्साह एवं ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
समारोह में डॉ. प्रमोद कुमार, अभिषेक कुमार, अतहर इकबाल, एमडी शाहिद, रागीव हसन, सुधीर कुमार, विनय कुमार, आलोक कुमार, राजेश कुमार, डॉ. राजेश चौधरी, डॉ. अनुज, सर रामानुज, मनोज कुमार, आशुतोष कुमार, राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता, राणा रणजीत सिंह, संतोष ठाकुर, संजय यादव, सुनील बंबईया, संतोष सिंह, सुनील सिन्हा, मंटू कुमार, बबलू गुप्ता, रामप्रवेश सिंह एवं कुंदन सिंह सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।