NEET पेपर लीक मामले को लेकर राजद का एक दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन
NEET सहित विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक के विरोध में युवा राजद का सत्याग्रह, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
झारखंड प्रदेश युवा राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष श्री रंजन कुमार यादव के निर्देशानुसार युवा राष्ट्रीय जनता दल रांची महानगर के अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज बापू वाटिका, मोराबादी, रांची में NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन आयोजित किया गया।
यह सत्याग्रह दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाजसेवी सोनम वांगचुक द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर किए जा रहे आमरण अनशन के समर्थन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की मांग को बुलंद किया।
इस अवसर पर श्यामदास सिंह, कमलेश यादव,शौकत अंसारी ,क्षितिज मिश्रा, रवि जायसवाल, कमलेश सिंह, लाल बाबू रजक, शंकर यादव, बबलू मंडल, अमिशा कुमारी, टोनी यादव, आनंद यादव, अंकित पांडेय, निखिल निशांत पांडेय, पंकज लोहड़ा, विशाल, राजू यादव, मनीष यादव, राहुल डे, विशाल कुमार, सुमित कुमार, ऋतिक कुमार, सत्यम कुमार, सूरज कुमार एवं आर्यन बर्मन सहित बड़ी संख्या में युवा राष्ट्रीय जनता दल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र एवं युवाओं ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। लाखों छात्र-छात्राओं की वर्षों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। बार-बार होने वाली इन घटनाओं से अभ्यर्थियों में गहरी निराशा व्याप्त है और विभिन्न स्थानों से छात्रों द्वारा आत्महत्या किया गया, जो अत्यंत चिंताजनक है। सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी युवाओं के भविष्य की रक्षा करना है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है।
युवा राष्ट्रीय जनता दल ने केंद्र सरकार से मांग की कि पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों को कठोर सजा दी जाए, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाया जाए, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू किए जाएं तथा इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने संकल्प लिया कि छात्रों और युवाओं के भविष्य की रक्षा, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा सामाजिक न्याय के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष निरंतर जारी रखा जाएगा।
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