समृद्ध महिला समृद्ध बिहार अभियान का शुभारंभ, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गया की दीदियों ने लिया भाग

गया। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आज बापू सभागार, पटना में समृद्ध महिला – समृद्ध बिहार अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कर-कमलों से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत 5 लाख महिला लाभुकों को राशि का अंतरण किया गया तथा जीविका निधि से 10,000 लाभुकों को ऋण वितरण किया गया। कार्यक्रम में विकसित भारत – जी राम जी योजना के अंतर्गत 112 ग्रामीण हाट निर्माण कार्य का भी शुभारंभ किया गया। साथ ही, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय तथा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। गया जिला के जीविका दीदियों ने जिला समाहरणालय परिसर स्थित एन.आई.सी. कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी गया शशांक शुभंकर, डीपीएम जीविका एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस गरिमामयी अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिजेंद्र प्रसाद यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के माननीय मंत्री श्रवण कुमार ने की। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के माननीय मंत्री मदन सहनी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की एक करोड़ महिलाओं को वर्ष 2030 तक रोजगार से जोड़कर लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिहार की ग्रामीण महिलाएँ 1,86,000 करोड़ रुपये का योगदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने दीदियों की व्यक्तिगत आय में वृद्धि के लिए ठोस प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान कुछ दीदियों ने अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ दीं और पटना में राखी भी बंधवाई। उन्होंने सहयोग पोर्टल पर समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन देने की जानकारी दी तथा स्पष्ट किया कि यदि 30 दिनों के भीतर समाधान नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री मदन सहनी एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में शराबबंदी एक उपयोगी कदम है, जिसे जीविका दीदियों की मांग पर लागू किया गया। इस योजना का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला को उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। योजना अंतर्गत लाभुकों को प्रथम किस्त के रूप में 10,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। रोजगार शुरू करने के छह माह बाद आकलन के आधार पर पाँच चरणों में अधिकतम 2,00,000 रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाती है। जिला परियोजना प्रबंधक आचार्य मम्मट ने बताया कि प्रथम किस्त प्राप्त करने वाले लाभुकों की व्यवसायिक गतिविधियों की जाँच के उपरांत द्वितीय किस्त के रूप में 20,000 रुपये का अंतरण किया गया है। आज गया की 34359 महिलाओं के खाते में प्रथम क़िस्त में 10 हजार रुपये एवं 2318 महिलाओं के खाते द्वितीय क़िस्त के रूप 20 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजा गया है। द्वितीय क़िस्त के लिए लाभुकों की प्रोफाइल, स्वयं सहयता समूह की बैठकों में नियमित उपस्थिति, लगातार तीन माह तक बचत, व्यवसायिक योजना निर्माण, आय-व्यय पंजी का संधारण तथा ऋण की अदायगी जैसे मानकों की समीक्षा की गई एवं ग्राम संगठन से अनुमोदन के बाद राशि भेजी गई है। इससे पूर्व 6 लाख से अधिक खातों में प्रथम क़िस्त की राशि भेजी जा चुकी है।

Aug 27, 2026 - 20:09
समृद्ध महिला समृद्ध बिहार अभियान का शुभारंभ, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गया की दीदियों ने लिया भाग

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