बिहार के विश्वविद्यालयों में सीनेट-सिंडिकेट नामांकन पर रोक, राज्यपाल सचिवालय का बड़ा फैसला; 13 विश्वविद्यालयों पर पड़ेगा असर
बिहार के राज्यपाल सचिवालय ने 8 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र के माध्यम से राज्य के 13 विश्वविद्यालयों में सीनेट और सिंडिकेट के लिए कुलाधिपति प्रतिनिधियों के नामांकन को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। हालांकि, ट्रांसफर कमेटी, स्क्रीनिंग कमेटी और चयन समिति सहित अन्य समितियों से जुड़े पूर्व नामांकन यथावत रहेंगे। संबंधित विश्वविद्यालयों को आदेश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
पटना: बिहार के विश्वविद्यालयों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राज्यपाल सचिवालय ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में सीनेट और सिंडिकेट के लिए कुलाधिपति के प्रतिनिधियों के नामांकन को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। इस संबंध में राज्यपाल सचिवालय की ओर से 8 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किया गया है। इस आदेश के बाद संबंधित विश्वविद्यालयों में सीनेट और सिंडिकेट के लिए कुलाधिपति प्रतिनिधियों के नामांकन की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी।
13 विश्वविद्यालयों के लिए जारी हुआ निर्देश
राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी पत्र में बिहार के 13 विश्वविद्यालयों का उल्लेख किया गया है। इनमें पटना विश्वविद्यालय, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय बोधगया, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा, जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर, मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय पटना, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय और मुंगेर विश्वविद्यालय शामिल हैं।
सीनेट और सिंडिकेट के नामांकन पर ही रोक
जारी पत्र के अनुसार, संबंधित विश्वविद्यालयों में सीनेट, सिंडिकेट और विभिन्न समितियों के लिए कुलाधिपति के प्रतिनिधियों के नामांकन से जुड़े पूर्व निर्देशों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, नए निर्देश के तहत सीनेट एवं सिंडिकेट के लिए कुलाधिपति प्रतिनिधियों के नामांकन को अगले आदेश तक स्थगित रखने को कहा गया है।
इसका मतलब है कि इन दोनों महत्वपूर्ण विश्वविद्यालयी निकायों में कुलाधिपति के प्रतिनिधियों के नामांकन की प्रक्रिया फिलहाल रुकी रहेगी। अगले आदेश तक इस संबंध में नई नामांकन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
अन्य समितियों से जुड़े नामांकन यथावत
राज्यपाल सचिवालय के पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्राचार्यों के लिए ट्रांसफर कमेटी, स्क्रीनिंग कमेटी, चयन समिति और स्नातकोत्तर शिक्षकों के लिए ट्रांसफर कमेटी में कुलाधिपति के प्रतिनिधियों से संबंधित नामांकन और पूर्व निर्देशों में फिलहाल बदलाव नहीं किया गया है।
पत्र के मुताबिक, सीनेट और सिंडिकेट के नामांकन को स्थगित करने के अलावा पूर्व पत्र का शेष हिस्सा और अन्य नामांकन यथावत रहेंगे। यानी आदेश का प्रभाव विशेष रूप से सीनेट और सिंडिकेट के लिए कुलाधिपति प्रतिनिधियों के नामांकन पर पड़ेगा।
विश्वविद्यालयों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश
राज्यपाल सचिवालय के अपर सचिव संजय कुमार की ओर से जारी पत्र में संबंधित विश्वविद्यालयों को निर्देशों से अवगत कराने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इस फैसले के बाद बिहार के विश्वविद्यालयों में सीनेट और सिंडिकेट के लिए कुलाधिपति प्रतिनिधियों के नामांकन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। फिलहाल अगले आदेश तक इन दोनों निकायों के लिए नामांकन स्थगित रहेगा। हालांकि, नामांकन स्थगित करने के पीछे के कारणों और आगे की प्रक्रिया को लेकर पत्र में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
महत्वपूर्ण: यह खबर राज्यपाल सचिवालय के 8 अक्टूबर 2026 के बताए गए पत्र पर आधारित है। प्रकाशित करने से पहले मूल पत्र और विश्वविद्यालयों की सूची का मिलान अवश्य कर लें।
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