जेपी के गांव को मिलेगी बड़ी सौगात, 1256 करोड़ रुपये से बनेगा सिताबदियारा-महुली पुल

छपरा/सिताबदियारा: लोकनायक जयप्रकाश नारायण के पैतृक गांव सिताबदियारा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी खबर है। बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में आवागमन को आसान बनाने के उद्देश्य से 1256 करोड़ रुपये की लागत से सिताबदियारा-महुली पुल बनाने की घोषणा की गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल होकर पुल निर्माण की घोषणा की।

Oct 11, 2026 - 20:10
जेपी के गांव को मिलेगी बड़ी सौगात, 1256 करोड़ रुपये से बनेगा सिताबदियारा-महुली पुल

छपरा/सिताबदियारा: लोकनायक जयप्रकाश नारायण के पैतृक गांव सिताबदियारा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी खबर है। बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में आवागमन को आसान बनाने के उद्देश्य से 1256 करोड़ रुपये की लागत से सिताबदियारा-महुली पुल बनाने की घोषणा की गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल होकर पुल निर्माण की घोषणा की।

सिताबदियारा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और जेपी के अनुयायियों ने लोकनायक की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उनके विचारों को आत्मसात करने और समाज में उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में पुल निर्माण की घोषणा को क्षेत्र के विकास और लोगों की वर्षों पुरानी मांग से जोड़कर देखा गया।

जेपी ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं बलिया के पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि प्रस्तावित पुल का निर्माण लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि जेपी अपने जीवनकाल में ही इस पुल के निर्माण की मांग करते रहे थे। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के समक्ष भी इस मुद्दे को उठाया था। अब पुल निर्माण की घोषणा से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों में बेहतर संपर्क सुविधा की उम्मीद जगी है।

बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन होगा आसान

प्रस्तावित सिताबदियारा-महुली पुल से गंगा नदी के आसपास के सीमावर्ती इलाकों में संपर्क व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। पुल बनने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। पुल निर्माण से दोनों राज्यों के बीच संपर्क मजबूत होने और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की संभावना है।

वीरेंद्र सिंह मस्त के अनुसार, पुल के भूमि पूजन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी स्वयं उपस्थित होंगे। हालांकि, निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख और परियोजना की समयसीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

पुरानी घोषणा के बाद काम शुरू नहीं होने पर नाराजगी

दूसरी ओर, स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी भी है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने करीब दो वर्ष पहले छपरा से जेपी के गांव लाला टोला तक पुल निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन उनके अनुसार अब तक काम शुरू नहीं हुआ। ऐसे में लोग चाहते हैं कि नई घोषणा के बाद परियोजना पर जल्द काम शुरू हो, ताकि उन्हें लंबे समय से चली आ रही आवागमन की समस्या से राहत मिल सके।

कुल मिलाकर, सिताबदियारा-महुली पुल की घोषणा ने क्षेत्र के लोगों में विकास की नई उम्मीद जगाई है। अब सबकी नजर परियोजना की औपचारिक स्वीकृति, भूमि पूजन और निर्माण कार्य शुरू होने पर रहेगी।

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