पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया में व्यापक तैयारी, 16 सुपर जोन, 45 जोन और 365 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र

गया: विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 45 जोन और 365 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, महिला दंडाधिकारी, महिला पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है।

Sep 24, 2026 - 18:05
पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया में व्यापक तैयारी, 16 सुपर जोन, 45 जोन और 365 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र

गया:- विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 45 जोन और 365 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, महिला दंडाधिकारी, महिला पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है।

इसी तैयारी को लेकर हरिदास सेमिनरी के प्रेक्षागृह में मेला ड्यूटी में प्रतिनियुक्त अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने की।

जिलाधिकारी ने बताया कि पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया पहुंचेंगे। श्रद्धालु विष्णुपद, देवघाट समेत विभिन्न पिंड वेदियों और सरोवरों पर तर्पण एवं पिंडदान करेंगे।

भगदड़ रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अपने-अपने ड्यूटी स्थल, जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र की पूरी जानकारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि देवघाट, विष्णुपद मंदिर और अन्य प्रमुख स्थलों पर भीड़ को देखते हुए अधिकारी पूरी सतर्कता बरतें। किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं के जान-माल का नुकसान न हो और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न होने पाए, इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

25 सितंबर को गोदावरी तालाब में तर्पण के साथ पितृपक्ष मेले के प्रमुख अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। इसके बाद 10 अक्टूबर तक अलग-अलग तिथियों में विभिन्न पिंड वेदियों और सरोवरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी।

घाटों पर SDRF और गोताखोरों की तैनाती

प्रमुख सरोवरों और देवघाट पर सुरक्षा के लिए SDRF, प्रशिक्षित गोताखोर और लाइफ जैकेट की व्यवस्था की गई है। जरूरत के अनुसार नावों की भी व्यवस्था रहेगी। प्रमुख सरोवरों में बैरिकेडिंग के साथ आवश्यक स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं।

शमशान घाट से गया जी डैम तक एक समय में करीब 40 से 50 हजार श्रद्धालुओं के बैठकर तर्पण करने की क्षमता बताई गई है। इसके अलावा विष्णुपथ और सीता पथ क्षेत्र में भी बड़े घाट बनाए गए हैं और पंडाल की व्यवस्था की गई है।

मंदिर जाने के लिए रूट प्लान

घाटों पर तर्पण के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु विष्णुपद मंदिर में दर्शन के लिए जाते हैं। इसे देखते हुए घाटों से मंदिर तक आने-जाने के लिए व्यवस्थित और सुरक्षित रूट प्लान लागू किया जाएगा। मंदिर में श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मेला क्षेत्र में एंबुलेंस, फायर सर्विस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के नंबर सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किए गए हैं। आपात स्थिति में संबंधित अधिकारी तत्काल नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएंगे।

‘पिंडदान गयाजी’ ऐप से दर्ज होगी शिकायत

प्रशासन ने सभी दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को ‘पिंडदान गयाजी’ मोबाइल ऐप इंस्टॉल करने का निर्देश दिया है। इसके जरिए श्रद्धालु और आम लोग अपनी शिकायत या समस्या दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों का संबंधित सेल के माध्यम से त्वरित समाधान कराने की व्यवस्था की गई है।

पार्किंग और सफाई व्यवस्था पर भी जोर

सभी पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त रोशनी, ड्राइवर और खलासी के ठहरने की व्यवस्था, शौचालय और पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। मेला क्षेत्र, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन समेत प्रमुख स्थानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी भी की जाएगी।

सेक्टरवार सफाई पर्यवेक्षक, सफाई कर्मी, पीएचईडी और विद्युत विभाग की टीमें भी गठित की गई हैं। ये टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी।

एटीएम और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी

एसएसपी सुशील कुमार ने पुलिस अधिकारियों को पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी करने का निर्देश दिया। उन्होंने थाना क्षेत्रों में आने वाले एटीएम केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी और पेट्रोलिंग के निर्देश दिए। वन-वे, पार्किंग जोन और निर्धारित यातायात व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने को कहा गया।

विष्णुपद मंदिर के समीप अस्थायी थाना भी बनाया गया है। मेला क्षेत्र के संवेदनशील और दबाव वाले स्थानों तथा प्रमुख रास्तों को चिन्हित कर वहां पब्लिक एड्रेस सिस्टम और मैनपैक के साथ अधिकारियों की तैनाती की गई है।

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