बेवजह पुलिसिया कार्रवाई से नष्ट हुए मत्स्य बीज की भरपाई करेगा मत्स्य निदेशालय
मत्स्य मित्र केवट राज्य के एक प्रगतिशील मत्स्य कृषक हैं। मत्स्य बीज उत्पादन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। गत दिनों श्री केवट रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत बेटुलकला पंचायत के पतरातू गांव स्थित तालाब में मत्स्य बीज छोड़ने जा रहे थे। इस दौरान पूरबडीह जंगल के समीप गोला थाना की पुलिस ने मत्स्य बीज लदे वाहन को जांच के नाम पर रोका। उनसे पांच सौ रुपये की मांग की।
बरलंगा (रामगढ़) के प्रगतिशील मत्स्य कृषक शिवनारायण केवट व उनके पुत्र पवन कुमार केवट को मत्स्य बीज के परिवहन के दौरान बेवजह पुलिसिया कार्रवाई से नष्ट हुए मत्स्य बीज के नुकसान की भरपाई मत्स्य निदेशालय करेगा।
रामगढ़ के जिला मत्स्य पदाधिकारी मिले पीड़ित किसान से
इस संबंध में रामगढ़ के जिला मत्स्य पदाधिकारी अरुप कुमार चौधरी ने पीड़ित मत्स्य मित्र को आश्वस्त किया है। श्री चौधरी ने बरलांगा (रामगढ़) निवासी मत्स्य मित्र श्री केवट की शिकायत पर घटना स्थल का दौरा किया और उन्हें यथासंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया।
मामला मत्स्य बीज लदे वाहन को गोला पुलिस द्वारा रोके जाने का
विदित हो कि मत्स्य मित्र केवट राज्य के एक प्रगतिशील मत्स्य कृषक हैं। मत्स्य बीज उत्पादन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। गत दिनों श्री केवट रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत बेटुलकला पंचायत के पतरातू गांव स्थित तालाब में मत्स्य बीज छोड़ने जा रहे थे। इस दौरान पूरबडीह जंगल के समीप गोला थाना की पुलिस ने मत्स्य बीज लदे वाहन को जांच के नाम पर रोका। उनसे पांच सौ रुपये की मांग की। इसका विरोध करने पर उनके पुत्र के साथ पुलिस ने मारपीट की।
श्री केवट ने तत्काल इस घटना की जानकारी संयुक्त मत्स्य निदेशक मनोज कुमार ठाकुर को दी। श्री ठाकुर ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल रामगढ़ के एसपी से संपर्क कर घटना की जानकारी दी और मत्स्य मित्र को सहयोग करने का अनुरोध किया।
निदेशक अमरेंद्र कुमार ने भी इस संदर्भ में रामगढ़ के जिला मत्स्य पदाधिकारी अरुप कुमार चौधरी को निर्देशित करते हुए तत्काल कार्रवाई करने को कहा।
श्री चौधरी ने रामगढ़ के उपायुक्त को इस संदर्भ में सूचित किया। साथ ही मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार को अद्यतन कार्यवाही से अवगत कराया। श्री चौधरी के मुताबिक उक्त घटना में मत्स्य मित्र श्री केवट को लगभग 80 किलो मत्स्य बीज का नुकसान हुआ। जिसकी भरपाई की जाएगी। ताकि मत्स्य उत्पादन में झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मत्स्य कृषकों का उत्साह बना रहे।
मत्स्य बीज व जीवित मछली के परिवहन में पुलिस-प्रशासन के सहयोग के लिए निदेशालय का पत्र ठंडे बस्ते में!
झारखंड में मत्स्य बीज व जीवित मछलियों के परिवहन में पुलिस-प्रशासन द्वारा सहयोग करने के लिए मत्स्य निदेशालय की ओर से सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखा गया।
इस संबंध में एक अगस्त, 2014 को तत्कालीन निदेशक (मत्स्य) ने राज्य के सभी उपायुक्तों को पत्र प्रेषित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के मत्स्य बीज उत्पादकों के सहयोग से मछली उत्पादन में वृद्धि हुई है। मत्स्य बीज लदे वाहनों को परिवहन के दौरान जांच के नाम पर विभिन्न थाना क्षेत्रों में रोका जाता है, इससे मत्स्य बीज उत्पादकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यही नहीं, इससे किसानों को आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ती है। निदेशक ने उपायुक्त से थानों को निर्देशित करने और मत्स्य बीज लदे वाहनों को अनावश्यक न रोकने का अनुरोध किया। पत्र की प्रतिलिपि गृह विभाग के प्रधान सचिव सहित प्रमंडलीय आयुक्त, प्रमंडलीय आरक्षी उपमहानिरीक्षक तथा सभी जिलों के आरक्षी अधीक्षकों को प्रेषित की गई। लेकिन उक्त पत्र ठंडे बस्ते में पड़ा है।
मत्स्य कृषकों को मछली बीज व जीवित मछली के परिवहन में सहयोग के लिए विभाग तत्पर : अमरेंद्र कुमार
झारखंड सरकार के मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार ने कहा कि उक्त पत्र के आलोक में एक बार पुनः सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड को मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में मत्स्य कृषकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में मत्स्य कृषकों को हर संभव सहयोग देने के प्रति निदेशालय तत्पर है।
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