जमुई कांड: पीड़ित परिवार की बिना ब्लर तस्वीर शेयर करने पर विवाद, तेजस्वी ने CM सम्राट चौधरी पर कार्रवाई की मांग की

पटना: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई बदसलूकी के मामले में नया विवाद सामने आया है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री के आधिकारिक X हैंडल से परिवार के साथ की गई एक तस्वीर कथित तौर पर बिना ब्लर किए शेयर की गई। पोस्ट करीब 15 मिनट बाद डिलीट कर दी गई।

Sep 25, 2026 - 21:06
जमुई कांड: पीड़ित परिवार की बिना ब्लर तस्वीर शेयर करने पर विवाद, तेजस्वी ने CM सम्राट चौधरी पर कार्रवाई की मांग की

पटना: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई बदसलूकी के मामले में नया विवाद सामने आया है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री के आधिकारिक X हैंडल से परिवार के साथ की गई एक तस्वीर कथित तौर पर बिना ब्लर किए शेयर की गई। पोस्ट करीब 15 मिनट बाद डिलीट कर दी गई।

तस्वीर सामने आने के बाद विपक्ष ने नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने के संभावित खतरे को लेकर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, राजद सांसद मीसा भारती मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए सचिवालय थाना पहुंचीं।

मुख्यमंत्री से मिला पीड़ित परिवार

पीड़ित बच्ची की मां के अनुसार, परिवार ने 24 सितंबर को पटना पहुंचकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने परिवार को न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिया।

पीड़ित की मां ने कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, वह दोबारा किसी दूसरी लड़की के साथ नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और कानून का डर कायम करने की मांग की।

तस्वीर शेयर होने के बाद विवाद

मुख्यमंत्री के आधिकारिक X हैंडल से मुलाकात की तस्वीर के साथ पोस्ट में कहा गया कि जमुई की पीड़ित बच्ची और उसके परिवार से मुलाकात कर उन्हें शीघ्र न्याय का भरोसा दिया गया। पोस्ट में सभी दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल के जरिए एक महीने के भीतर कठोर सजा सुनिश्चित करने की बात भी कही गई थी।

हालांकि, पोस्ट में परिवार की तस्वीर बिना ब्लर के दिखाई देने को लेकर विवाद शुरू हो गया और करीब 15 मिनट बाद पोस्ट हटा दी गई।

तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल

तस्वीर सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नाबालिग पीड़िता की पहचान की गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के साथ तस्वीर सार्वजनिक किए जाने से पीड़िता की पहचान उजागर होने का खतरा पैदा हुआ।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि तस्वीर को लेकर कानूनी उल्लंघन हुआ या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और सक्षम प्राधिकारी/अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा।

मीसा भारती FIR दर्ज कराने पहुंचीं

राजद सांसद मीसा भारती मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने सचिवालय थाना पहुंचीं। उन्होंने POCSO एक्ट की धारा 23 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 के तहत कार्रवाई की मांग की।

मीसा भारती के मुताबिक, थाने में उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जमुई मामले से जुड़े वीडियो को प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, तो पीड़िता की पहचान से जुड़े मामले में भी कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

क्या है जमुई का पूरा मामला?

जमुई में 19 सितंबर को 10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के साथ सड़क पर बदसलूकी का मामला सामने आया था। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा कोचिंग के बाद अपने एक क्लासमेट के साथ स्कूटी से मड़वा पहाड़ गई थी। लौटते समय कुछ युवकों ने दोनों को रोक लिया।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 3 नाबालिग बताए गए हैं। मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस कार्रवाई के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हुआ और उसका इलाज पुलिस कस्टडी में चल रहा है।

प्रशासन ने पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने के लिए दो महिला अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया है। अधिकारियों में DDC सह जिला परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी IAS चौधरी शिप्रा विजयकुमार और जमुई SDPO IPS दीप्ति मोनाली शामिल हैं। प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने और अदालत के साथ समन्वय की बात कही है।

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