SIR पर राजद का हमला, 13.37 करोड़ नाम ड्राफ्ट रोल से बाहर होने का दावा; 26 सितंबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन
रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसके तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं।
रांची:- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसके तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं।
चुनाव आयोग के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक तीन चरणों में 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से करीब 13.37 करोड़ नाम बाहर हुए हैं, जो प्री-SIR मतदाता संख्या का लगभग 14.1% है। दिल्ली में ड्राफ्ट रोल में करीब 32.8% की कमी दर्ज की गई थी।
राजद प्रवक्ता ने पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान नाम हटाए जाने से जुड़ी अपीलों का भी मुद्दा उठाया। चुनाव आयोग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, जिन मामलों पर अब तक फैसला हुआ है, उनमें करीब 93% अपीलों में मतदाताओं को दोबारा मतदाता सूची में शामिल किया गया। हालांकि, ये आंकड़े सभी हटाए गए नामों पर लागू नहीं होते, बल्कि अब तक निपटाए गए मामलों से संबंधित हैं।
कैलाश यादव ने CEC ज्ञानेश कुमार पर SIR की आड़ में मनमाने तरीके से सिस्टम और Form-6 से जुड़े बदलाव करने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ये राजद की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जिन पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है।
राजद ने इन मुद्दों को लेकर 26 सितंबर को झारखंड के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन करने का ऐलान किया है।
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