असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद झारखंड में नक्सल नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, रिमांड पर लेकर हथियारों की होगी तलाश
रांची: एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ तिमिर की गिरफ्तारी के बाद झारखंड पुलिस अब उससे जुड़े मामलों और नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुट गई है। असीम मंडल को पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। झारखंड पुलिस उसके खिलाफ दर्ज मामलों में पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लेने की प्रक्रिया में है।
रांची: एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ तिमिर की गिरफ्तारी के बाद झारखंड पुलिस अब उससे जुड़े मामलों और नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुट गई है। असीम मंडल को पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। झारखंड पुलिस उसके खिलाफ दर्ज मामलों में पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लेने की प्रक्रिया में है।
असीम मंडल झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम इलाके में लंबे समय से सक्रिय माओवादी नेटवर्क से जुड़ा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम के 16 थानों में करीब 55 मामले दर्ज हैं। इनमें सुरक्षा बलों पर हमले, माओवादी गतिविधियों, हथियार अधिनियम और आईईडी विस्फोट से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, असीम मंडल से पूछताछ के दौरान झारखंड में उसके नेटवर्क, पुराने संपर्कों, गतिविधियों और छिपाकर रखे गए हथियारों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस उसकी निशानदेही पर जंगलों में छिपाए गए हथियारों की तलाश की तैयारी भी कर रही है।
झारखंड पुलिस के आईजी ऑपरेशंस नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके खिलाफ दर्ज मामलों में पूछताछ करेगी। पुलिस का फोकस उन हथियारों और संसाधनों का पता लगाने पर भी है, जिन्हें माओवादी गतिविधियों के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छिपाया गया हो सकता है।
असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं। इससे पहले उसके दस्ते से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी पश्चिम बंगाल में हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसके संगठन से जुड़े कितने लोग अभी सक्रिय हैं और उनके संपर्क किन इलाकों में हैं।
असीम मंडल को लेकर एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उस पर सिर्फ झारखंड में ही नहीं, बल्कि ओडिशा में भी इनाम घोषित था। रिपोर्टों के अनुसार झारखंड सरकार ने उस पर एक करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। इस तरह कुल इनामी राशि 2.20 करोड़ रुपये बताई गई है।
झारखंड पुलिस का कहना है कि असीम मंडल से पूछताछ के बाद नक्सली गतिविधियों से जुड़े कई पुराने मामलों की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। खासकर पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और आसपास के इलाकों में सक्रिय रहे नेटवर्क की जानकारी पुलिस के लिए अहम होगी।
पुलिस के अनुसार, जिन इलाकों में लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों का असर रहा है, वहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ विकास कार्यों को भी गति देने पर जोर है। सुरक्षा बलों के अभियान के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसी सुविधाओं के विस्तार से इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल झारखंड पुलिस की नजर असीम मंडल से जुड़े मामलों, उसके पुराने नेटवर्क और संभावित हथियारों के ठिकानों पर है। आने वाले दिनों में रिमांड पर पूछताछ और सर्च ऑपरेशन के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है।
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