दीपावली पर मां लक्ष्मी के साथ गणेश और मां सरस्वती की पूजा क्यों है जरूरी? जानिए धन, बुद्धि और विद्या का धार्मिक महत्व

नई दिल्ली। दीपावली का त्योहार इस वर्ष 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। कार्तिक अमावस्या के अवसर पर देशभर में श्रद्धालु मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करेंगे और घरों को दीपों, रंगोली तथा रोशनी से सजाएंगे। दीपावली की पूजा में मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश और देवी सरस्वती की आराधना करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन तीनों देवी-देवताओं की एक साथ पूजा करने का विशेष महत्व है। इसके पीछे धन, बुद्धि और विद्या से जुड़ी गहरी आध्यात्मिक मान्यता मानी जाती है।

Nov 4, 2026 - 10:38
दीपावली पर मां लक्ष्मी के साथ गणेश और मां सरस्वती की पूजा क्यों है जरूरी? जानिए धन, बुद्धि और विद्या का धार्मिक महत्व

नई दिल्ली। दीपावली का त्योहार इस वर्ष 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। कार्तिक अमावस्या के अवसर पर देशभर में श्रद्धालु मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करेंगे और घरों को दीपों, रंगोली तथा रोशनी से सजाएंगे। दीपावली की पूजा में मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश और देवी सरस्वती की आराधना करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन तीनों देवी-देवताओं की एक साथ पूजा करने का विशेष महत्व है। इसके पीछे धन, बुद्धि और विद्या से जुड़ी गहरी आध्यात्मिक मान्यता मानी जाती है।

मान्यता है कि जीवन में केवल धन का होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि धन का सही उपयोग करने के लिए बुद्धि और विवेक भी जरूरी है। इसी तरह ज्ञान और शिक्षा के बिना व्यक्ति अपनी क्षमताओं का पूरा लाभ नहीं उठा सकता। यही वजह है कि दीपावली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश और मां सरस्वती की पूजा की जाती है।

मां लक्ष्मी की पूजा से मिलती है सुख-समृद्धि की कामना

हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, वैभव, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की देवी माना गया है। दीपावली की रात मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और घर को स्वच्छ एवं प्रकाशित रखने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

श्रद्धालु मां लक्ष्मी से परिवार में आर्थिक खुशहाली, सुख-शांति, उन्नति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं। व्यापारी वर्ग भी इस अवसर पर अपने प्रतिष्ठानों और बही-खातों की पूजा करता है।

भगवान गणेश की पूजा क्यों की जाती है?

भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणेश जी की पूजा करने की परंपरा है। उन्हें बुद्धि, विवेक और शुभता का प्रतीक भी माना जाता है।

दीपावली पर मां लक्ष्मी के साथ गणेश जी की पूजा इसलिए की जाती है, ताकि जीवन में आने वाली बाधाएं दूर हों और व्यक्ति को अपने कार्यों में सफलता मिले। धार्मिक मान्यता के अनुसार, धन के साथ सद्बुद्धि होना भी बेहद आवश्यक है, जिससे व्यक्ति अपने धन का सही इस्तेमाल कर सके।

मां सरस्वती की पूजा का क्या है महत्व?

मां सरस्वती को विद्या, ज्ञान, कला, संगीत और बुद्धि की देवी माना जाता है। दीपावली की पूजा में कई परंपराओं में मां सरस्वती को भी शामिल किया जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि ज्ञान और विवेक के बिना धन का सही उपयोग संभव नहीं है। मां सरस्वती की आराधना से व्यक्ति को ज्ञान, शिक्षा और सही निर्णय लेने की क्षमता प्राप्त होने की कामना की जाती है। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कला से जुड़े लोगों के लिए मां सरस्वती की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

धन, बुद्धि और विद्या का संगम है दीपावली की पूजा

धार्मिक दृष्टि से मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और मां सरस्वती की एक साथ पूजा जीवन के तीन महत्वपूर्ण पहलुओं का प्रतीक है।

  • मां लक्ष्मी: धन, सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक।

  • भगवान गणेश: बुद्धि, विवेक, शुभता और विघ्नों को दूर करने वाले देवता।

  • मां सरस्वती: ज्ञान, विद्या, कला और सही निर्णय लेने की क्षमता का प्रतीक।

इस पूजा के माध्यम से श्रद्धालु प्रार्थना करते हैं कि उनके जीवन में धन के साथ ज्ञान, बुद्धि और सद्बुद्धि भी बनी रहे।

दीपावली पर कैसे करें पूजा?

दीपावली के दिन घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार मां सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर भी रखें।

इसके बाद दीपक जलाएं, फूल, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें। मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और मां सरस्वती के मंत्रों का जाप करें तथा परिवार की सुख-समृद्धि, ज्ञान और उन्नति के लिए प्रार्थना करें। अंत में आरती कर घर के मुख्य द्वार और अन्य स्थानों पर दीपक जलाएं।

दीपावली 2026: कब है लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त?

इस वर्ष दीपावली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, दिल्ली में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट तक बताया गया है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अंतर के कारण पूजा के मुहूर्त में बदलाव हो सकता है। इसलिए श्रद्धालुओं को अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय देखना चाहिए।

धार्मिक संदेश: दीपावली केवल धन और वैभव की कामना का पर्व नहीं है, बल्कि यह जीवन में ज्ञान, विवेक, सकारात्मकता और सुख-शांति को अपनाने का भी संदेश देता है। मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और मां सरस्वती की आराधना इसी मंगलकामना का प्रतीक है।

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