झारखंड के सभी मतदान केंद्रों पर कल होगी BLO-BLA2 की बैठक, SIR में नोटिस का जवाब नहीं देने वालों के मामलों की होगी समीक्षा

रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 4 नवंबर को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर पांचवीं BLO-BLA2 बैठक और चुनाव पाठशाला आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी। इसमें राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA-2), बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

Nov 3, 2026 - 17:52
झारखंड के सभी मतदान केंद्रों पर कल होगी BLO-BLA2 की बैठक, SIR में नोटिस का जवाब नहीं देने वालों के मामलों की होगी समीक्षा

रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 4 नवंबर को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर पांचवीं BLO-BLA2 बैठक और चुनाव पाठशाला आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी। इसमें राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA-2), बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि BLO-BLA2 बैठक और चुनाव पाठशाला SIR प्रक्रिया का सतत ऑडिट करने तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से बैठक में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

नोटिस का जवाब नहीं देने वाले मतदाताओं पर होगी चर्चा

बैठक का प्रमुख एजेंडा उन मतदाताओं के मामलों की समीक्षा करना है, जिन्हें BLO की ओर से दूसरा नोटिस जारी किया गया है और घर जाकर सत्यापन भी किया गया है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने नोटिस एवं सुनवाई की औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं।

ऐसे प्रत्येक मामले में सुनवाई पूरी नहीं होने का कारण बैठक की कार्यवाही में दर्ज किया जाएगा। इसके आधार पर निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) कानून के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई कर सकेंगे।

अनुपस्थित और स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की होगी पहचान

बैठक में ऐसे मतदाताओं के मामलों पर भी चर्चा होगी, जो प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अनुपस्थित या अप्राप्य हैं। यदि कोई मतदाता शिक्षा, रोजगार या अन्य कारणों से अस्थायी रूप से बाहर है, तो उससे फोन, वीडियो कॉल या ऑनलाइन माध्यम से संपर्क कर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है। परिवार के सदस्य भी उनकी ओर से आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

वहीं, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके मतदाताओं के वर्तमान विधानसभा क्षेत्र का विवरण दर्ज किया जाएगा, ताकि उनके पंजीकरण की स्थिति स्पष्ट हो सके।

मृत्यु और एक से अधिक फॉर्म जमा करने वाले मामलों की भी जांच

जिन मतदाताओं की गणना प्रपत्र (Enumeration Form) जमा करने के बाद मृत्यु हो गई है, उनके मामलों में मृत्यु की तारीख दर्ज की जाएगी। उपलब्ध होने पर परिवार से मृत्यु प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया जाएगा।

इसके अलावा, एक से अधिक मतदान केंद्रों पर गणना प्रपत्र जमा करने वाले मतदाताओं की भी पहचान की जाएगी। निर्वाचन नियमों के अनुसार कोई पात्र नागरिक एक समय में केवल एक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र और एक मतदान केंद्र पर ही मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकता है।

विदेशी नागरिकों और शरणार्थियों के मामलों पर भी होगी चर्चा

बैठक में नोटिस का जवाब देने से इनकार करने वाले, अस्वस्थता के कारण सुनवाई में शामिल नहीं हो पाने वाले और विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा होगी।

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत केवल भारतीय नागरिक ही मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं। कानूनी रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों को पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत भारतीय नागरिकता प्राप्त करनी होगी।

वहीं, जिन शरणार्थियों को भारत सरकार के सक्षम प्राधिकार से नागरिकता प्रमाण पत्र मिल चुका है, वे मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं। उनके पात्र पुत्र-पुत्रियों को भी मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।

नए पात्र मतदाताओं को फॉर्म-6 भरने में मिलेगी मदद

बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करना है, जिनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं है। विशेष रूप से उन नागरिकों की पहचान की जाएगी, जिन्होंने 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, लेकिन अब तक फॉर्म-6 जमा नहीं किया है।

झारखंड के सभी मतदान केंद्र क्षेत्रों में चल रहे होम-टू-रोल सत्यापन अभियान के तहत ऐसे नागरिकों को मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए जागरूक और प्रोत्साहित किया जाएगा। यदि उनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, तो BLO और ERO/AERO उन्हें दस्तावेज प्राप्त करने में भी सहायता करेंगे।

निर्वाचन विभाग के अनुसार, बैठक में सामने आने वाले सभी मामलों की सूची और संबंधित टिप्पणियां कार्यवाही विवरण में दर्ज की जाएंगी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए सूची संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को सौंपी जाएगी।

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