झारखंड के पौने दो लाख सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात! यूनियन बैंक के साथ हेमंत सरकार ने किया MoU, विपत्ति में मिलेगी आर्थिक सुरक्षा

रांची। झारखंड के सरकारी कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच सरकारी कर्मचारियों के वेतन पैकेज (सैलरी पैकेज) को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के जरिए राज्य के करीब पौने दो लाख सरकारी कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सेवाओं और विभिन्न वित्तीय सुविधाओं से जोड़ने की पहल की गई है।

Nov 4, 2026 - 17:26
झारखंड के पौने दो लाख सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात! यूनियन बैंक के साथ हेमंत सरकार ने किया MoU, विपत्ति में मिलेगी आर्थिक सुरक्षा

रांची। झारखंड के सरकारी कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच सरकारी कर्मचारियों के वेतन पैकेज (सैलरी पैकेज) को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के जरिए राज्य के करीब पौने दो लाख सरकारी कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सेवाओं और विभिन्न वित्तीय सुविधाओं से जोड़ने की पहल की गई है।

इस समझौते का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को उनकी नौकरी के दौरान बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना, वित्तीय जरूरतों को पूरा करना और विपत्ति के समय आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिलने से उनकी वित्तीय परेशानियां कम होंगी और उन्हें जरूरत के समय बैंकिंग सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में हुआ समझौता

रांची में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में झारखंड सरकार और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। मौके पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से अंचल प्रमुख गुणानंद गामी ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

समझौते के बाद बैंक की ओर से कर्मचारियों को वेतन पैकेज के तहत बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई गई। इस पहल से कर्मचारियों को बैंकिंग सुविधाओं के साथ-साथ उनकी वित्तीय आवश्यकताओं के अनुरूप सेवाएं मिलने की उम्मीद है।

पौने दो लाख कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा पर जोर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अलग-अलग स्थानों पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार चाहती है कि ऐसी समस्याओं का समाधान हो और कर्मचारियों को सुविधाजनक बैंकिंग व्यवस्था मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले भी राज्य सरकार ने कई बैंकों के साथ समझौता किया है। अब यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुआ यह समझौता भी कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने बताया कि बैंक की ओर से करीब पौने दो लाख सरकारी कर्मचारियों के विपत्ति के समय उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस प्रतिबद्धता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कर्मचारियों को जरूरत के समय आर्थिक सहयोग और बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिलनी चाहिए।

केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए बैंकिंग सहयोग : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में राज्य के आम नागरिकों को भी बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में भी सोचने की आवश्यकता है कि राज्य के हर व्यक्ति को किस प्रकार बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचना चाहिए। सरकार की कोशिश है कि वित्तीय सेवाएं आम लोगों के लिए भी सुलभ हों और राज्य के विकास में बैंकों की भागीदारी और मजबूत हो।

वित्त मंत्री बोले- राज्य के विकास में बैंकों की अहम भूमिका

कार्यक्रम में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि किसी भी राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बैंक केवल जमा और ऋण देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी उनकी बड़ी भागीदारी होती है।

उन्होंने कहा कि झारखंड में बैंकों का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो बढ़ा है। यह राज्य में बैंकिंग गतिविधियों और ऋण वितरण की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है। उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा विकास की योजनाओं में बैंकों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

यूनियन बैंक ने जताई बेहतर सेवाएं देने की प्रतिबद्धता

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अंचल प्रमुख गुणानंद गामी ने कहा कि बैंक झारखंड सरकार के कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बैंक कर्मचारियों की वित्तीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुविधाएं देने की दिशा में काम करेगा।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि बैंक इस समझौते के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए गंभीरता से प्रयास करेगा और कर्मचारियों को बैंकिंग सेवाओं का बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने की कोशिश करेगा।

आम लोगों तक भी पहुंचेगा वित्तीय सेवाओं का लाभ?

इस समझौते के बाद झारखंड में सरकारी कर्मचारियों के वेतन खातों और बैंकिंग सुविधाओं को लेकर नई संभावनाएं खुली हैं। हालांकि, कर्मचारियों को मिलने वाली अलग-अलग सुविधाओं, उनकी पात्रता और लागू होने वाली शर्तों का विस्तृत विवरण सामने आने के बाद ही इस पैकेज का पूरा लाभ स्पष्ट हो सकेगा।

कुल मिलाकर, झारखंड सरकार और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच हुआ यह MoU सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। साथ ही मुख्यमंत्री का आम नागरिकों तक भी बैंकिंग सहयोग पहुंचाने पर जोर देना यह संकेत देता है कि सरकार वित्तीय समावेशन को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है।

कार्यक्रम की बाइट:

  1. हेमंत सोरेन – मुख्यमंत्री, झारखंड

  2. राधाकृष्ण किशोर – वित्त मंत्री, झारखंड

  3. गुणानंद गामी – अंचल प्रमुख, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

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