झारखंड में 15 साल पुराने सरकारी वाहन होंगे स्क्रैप, परिवहन विभाग ने बनाई व्यवस्थित निस्तारण की योजना

रांची। झारखंड में 15 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके सरकारी वाहनों को अब पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) के माध्यम से व्यवस्थित तरीके से निस्तारित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पुराने और अनुपयोगी सरकारी वाहनों को हटाने के साथ सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देना है।

Nov 4, 2026 - 15:49
Nov 4, 2026 - 15:51
झारखंड में 15 साल पुराने सरकारी वाहन होंगे स्क्रैप, परिवहन विभाग ने बनाई व्यवस्थित निस्तारण की योजना

रांची। झारखंड में 15 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके सरकारी वाहनों को अब पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) के माध्यम से व्यवस्थित तरीके से निस्तारित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पुराने और अनुपयोगी सरकारी वाहनों को हटाने के साथ सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देना है।

इस संबंध में बुधवार को प्रोजेक्ट भवन, रांची में परिवहन सचिव राजीव रंजन की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय नोडल पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ MSTC, GeM और पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) के प्रतिनिधि शामिल हुए।

MoRTH के दिशा-निर्देशों के तहत होगी कार्रवाई

बैठक में परिवहन सचिव राजीव रंजन ने कहा कि सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग और निस्तारण की प्रक्रिया केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर पारदर्शी व्यवस्था विकसित करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि स्क्रैपिंग के लिए ऐसे वाहनों की पहचान की जाएगी, जो 15 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं और अनुपयोगी हो गए हैं। इसमें पुलिस थानों में दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में पड़े वाहन, लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रहे सरकारी वाहन और ऐसे वाहन शामिल होंगे, जिनकी मरम्मत व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

स्क्रैपिंग से सरकारी राजस्व और पर्यावरण को मिलेगा लाभ

परिवहन सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग केवल पुराने वाहनों को हटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी राजस्व में वृद्धि भी होगी।

उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्क्रैपिंग से संबंधित वित्तीय और राजस्व प्रावधानों का लाभ संबंधित विभागों को मिलेगा। इसके अलावा स्क्रैपिंग के बाद परिवहन विभाग के माध्यम से देय कर की राशि सरकारी राजकोष में जमा होगी।

MSTC और GeM पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया

बैठक में MSTC और RVSF के प्रतिनिधियों ने सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग की पूरी प्रक्रिया का चरणबद्ध प्रस्तुतीकरण किया। अधिकारियों को MSTC एवं GeM पोर्टल पर पंजीकरण, वाहनों का विवरण अपलोड करने, नीलामी और पंजीकृत स्क्रैपिंग सुविधा के माध्यम से वाहन निस्तारण की प्रक्रिया समझाई गई।

इसके साथ ही आवश्यक दस्तावेजों, विभागीय जिम्मेदारियों और निर्धारित नियमों की जानकारी भी दी गई।

सभी विभागों को कार्रवाई के निर्देश

परिवहन सचिव ने सभी विभागीय नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभागों में 15 वर्ष पुराने और अनुपयोगी सरकारी वाहनों की पहचान कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या संदेह होने पर परिवहन विभाग से परामर्श लिया जा सकता है।

सरकार की इस पहल से पुराने सरकारी वाहनों का पारदर्शी तरीके से निस्तारण होगा और राज्य में सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा सुशासन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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