बिहार टेंडर घोटाले में 6 IAS अधिकारी ED के रडार पर, योगेश कुमार सागर से पूछताछ
पटना। बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज कर दी है। ठेकेदार रिशुश्री से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब छह आईएएस अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में बताई जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को 2017 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर ईडी के पटना स्थित कार्यालय पहुंचे। एजेंसी ने उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था।
पटना। बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज कर दी है। ठेकेदार रिशुश्री से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब छह आईएएस अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में बताई जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को 2017 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर ईडी के पटना स्थित कार्यालय पहुंचे। एजेंसी ने उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था।
परिवार के साथ विदेश यात्रा को लेकर सवाल
योगेश कुमार सागर पर आरोप है कि उन्होंने अपने परिवार के आठ सदस्यों के साथ ठेकेदार रिशुश्री की कंपनी के खर्च पर ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी। ईडी इस कथित यात्रा के खर्च, भुगतान के स्रोत और सरकारी ठेकों से जुड़े संभावित लेनदेन की जांच कर रही है।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित तथ्यों के सामने आने के बाद ही हो सकेगी।
कई IAS अधिकारियों से हो चुकी है पूछताछ
इस मामले में इससे पहले भी कई अधिकारियों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा, सुनील कुमार यादव, धर्मेंद्र कुमार और संतोष कुमार मल्ल के नाम शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईडी आईएएस अधिकारी आनंद किशोर को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर सकती है। जांच एजेंसी कथित तौर पर अधिकारियों और ठेकेदार के बीच वित्तीय संबंधों की पड़ताल कर रही है।
कई सरकारी विभागों के ठेके जांच के घेरे में
ईडी की जांच रिशुश्री की कंपनी को बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में मिले ठेकों पर केंद्रित है। इनमें जल संसाधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास, भवन निर्माण, ग्रामीण कार्य और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग शामिल हैं।
आरोप है कि सरकारी ठेके हासिल करने के लिए अधिकारियों के साथ कथित सांठगांठ की गई। इसके बदले अधिकारियों और उनके परिजनों के विदेश दौरे तथा अन्य खर्च उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है।
मोबाइल चैट और दस्तावेजों की जांच
जांच से जुड़ी खबरों के मुताबिक, रिशुश्री के मोबाइल फोन से अधिकारियों और उनके करीबियों के साथ व्हाट्सऐप चैट, वित्तीय लेनदेन के विवरण और ठेकों से संबंधित दस्तावेज मिलने की बात सामने आई थी।
ईडी इन डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर कथित लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गौरतलब है कि विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने 27 मई को रिशुश्री को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ईडी ने मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और सरकारी ठेकों से जुड़े वित्तीय संबंधों की जांच आगे बढ़ाई है।
फिलहाल जांच एजेंसी की कार्रवाई जारी है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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