सड़क हादसे में ब्रेन डेड हुए 16 वर्षीय मोनू ने बचाई तीन जिंदगियां, परिजनों ने दान किया लिवर और दोनों किडनी

पटना: बिहार की राजधानी पटना से मानवता और संवेदनशीलता की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने लोगों का दिल छू लिया है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए 16 वर्षीय मोनू कुमार को इलाज के दौरान IGIMS, पटना में ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इस मुश्किल घड़ी में भी उनके परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए उनके अंगदान का फैसला लिया। परिवार की इस पहल से तीन जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिला है।

Nov 5, 2026 - 17:28
Nov 5, 2026 - 17:29
सड़क हादसे में ब्रेन डेड हुए 16 वर्षीय मोनू ने बचाई तीन जिंदगियां, परिजनों ने दान किया लिवर और दोनों किडनी

पटना में अंगदान की मिसाल, 19 वर्षीय युवती को मिला नया जीवन; बिहार सरकार ने लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 15 लाख रुपये की सहायता देने का निर्देश दिया

पटना: बिहार की राजधानी पटना से मानवता और संवेदनशीलता की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने लोगों का दिल छू लिया है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए 16 वर्षीय मोनू कुमार को इलाज के दौरान IGIMS, पटना में ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इस मुश्किल घड़ी में भी उनके परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए उनके अंगदान का फैसला लिया। परिवार की इस पहल से तीन जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिला है।

मोनू कुमार के परिजनों ने स्वेच्छा से उनका लिवर और दोनों किडनी दान करने का निर्णय लिया। इसके बाद चिकित्सकीय टीम ने अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू की। मोनू के लिवर से IGIMS, पटना में भर्ती 19 वर्षीय युवती का सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं, उनकी एक किडनी का प्रत्यारोपण IGIMS और दूसरी किडनी का प्रत्यारोपण AIIMS, पटना में किया गया।

बिहार सरकार ने इलाज के खर्च को लेकर दिए निर्देश

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद बिहार सरकार की ओर से अंगदान की प्रक्रिया में होने वाले जरूरी खर्चों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। IGIMS के निदेशक और लिवर ट्रांसप्लांट विभागाध्यक्ष को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

इसके साथ ही सरकार के पूर्व घोषित निर्णय के तहत लिवर ट्रांसप्लांट कराने वाले प्रत्येक मरीज को बिहार सरकार की ओर से 15 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।

कई संस्थानों की टीम ने निभाई अहम भूमिका

अंगदान और प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में IGIMS की ब्रेन डेथ कमेटी, SOTTO बिहार, NOTTO दिल्ली और ROTTO कोलकाता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा IGIMS और AIIMS पटना की चिकित्सकीय टीमों ने भी समन्वय के साथ पूरी प्रक्रिया को संपन्न कराया।

परिजनों के फैसले को किया गया नमन

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि अंगदान किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। मोनू कुमार के परिजनों ने अपने सबसे कठिन समय में भी दूसरों की जिंदगी बचाने का फैसला लेकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है।

बिहार सरकार की ओर से इस पुनीत कार्य को सफल बनाने वाली पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई दी गई है। वहीं, मोनू कुमार के परिजनों के साहस और उनके मानवतापूर्ण निर्णय को नमन करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई है।

अंगदान महादान है। एक व्यक्ति का अंगदान कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन दे सकता है।

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