बिहार में नए अधिवक्ताओं को बड़ी राहत, सम्राट चौधरी ने शुरू की स्टाइपेंड योजना; राम बालक महतो के नाम पर सभागार
पटना। बिहार में कानून की पढ़ाई पूरी कर वकालत के क्षेत्र में अपना करियर शुरू करने वाले नए अधिवक्ताओं के लिए राज्य सरकार ने स्टाइपेंड योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक समारोह में इस योजना का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य शुरुआती दौर में आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे नए अधिवक्ताओं को सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के अपनी कानूनी प्रैक्टिस को आगे बढ़ा सकें।
पटना। बिहार में कानून की पढ़ाई पूरी कर वकालत के क्षेत्र में अपना करियर शुरू करने वाले नए अधिवक्ताओं के लिए राज्य सरकार ने स्टाइपेंड योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक समारोह में इस योजना का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य शुरुआती दौर में आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे नए अधिवक्ताओं को सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के अपनी कानूनी प्रैक्टिस को आगे बढ़ा सकें।
इस कार्यक्रम के दौरान बिहार के पूर्व महाधिवक्ता और प्रसिद्ध वरीय अधिवक्ता स्वर्गीय राम बालक महतो को भी विशेष सम्मान दिया गया। उनके सम्मान और स्मृति को बनाए रखने के उद्देश्य से महाधिवक्ता कार्यालय स्थित सभागार का नाम बदलकर राम बालक महतो स्मृति सभागार रखा गया है।
नए वकीलों को आर्थिक सहायता देने की पहल
वकालत की शुरुआत करने वाले युवा अधिवक्ताओं के सामने शुरुआती वर्षों में आर्थिक चुनौतियां रहती हैं। मुकदमों की पैरवी, कानूनी अनुभव हासिल करने और अपनी प्रैक्टिस स्थापित करने में समय लगता है। ऐसे में स्टाइपेंड योजना को नए अधिवक्ताओं के लिए आर्थिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समारोह में योजना की शुरुआत की। हालांकि, योजना के तहत मिलने वाली स्टाइपेंड राशि, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभार्थियों की संख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से स्पष्ट होने पर ही इसके लाभ का पूरा स्वरूप सामने आएगा।
राम बालक महतो के नाम पर सभागार का नामकरण
कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू स्वर्गीय राम बालक महतो को सम्मान देना रहा। बिहार सरकार में महाधिवक्ता रह चुके और विख्यात वरीय अधिवक्ता राम बालक महतो की स्मृति में महाधिवक्ता कार्यालय स्थित हॉल का नामकरण राम बालक महतो स्मृति सभागार किया गया।
इस पहल के जरिए उनके कानूनी योगदान और न्यायिक क्षेत्र में उनकी भूमिका को सम्मान देने का प्रयास किया गया है।
महाधिवक्ता एसडी संजय ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
इस समारोह के आयोजन की देखरेख स्वयं बिहार के महाधिवक्ता एसडी संजय ने की। कार्यक्रम में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव, बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
नए अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड योजना की शुरुआत और राम बालक महतो के नाम पर सभागार का नामकरण, दोनों ही कार्यक्रम बिहार की न्यायिक और विधिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण कदमों के रूप में सामने आए हैं।
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