झारखंड विधानसभा में 8,399.31 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश, JPSC-JSSC मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे से गूंजा सदन

Aug 7, 2026 - 18:28
झारखंड विधानसभा में 8,399.31 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश, JPSC-JSSC मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे से गूंजा सदन

RANCHI : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को विपक्ष के तीखे विरोध और हंगामे के बीच राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया. सरकार ने विभिन्न विभागों, योजनाओं और विकास कार्यों के लिए 8,399.31 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजटीय प्रावधान रखा. 

हालांकि, सदन की कार्यवाही की शुरुआत से ही विपक्ष JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा छात्रों के आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर रहा, जिसके कारण विधानसभा का माहौल काफी देर तक गरमाया रहा.

हंगामे के बीच पेश हुआ अनुपूरक बजट

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के विधायक अपनी सीटों से उठकर सदन के वेल में पहुंच गए. उन्होंने JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और आंदोलनरत छात्रों की मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. 

विपक्ष का कहना था कि राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए. इसी दौरान सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा गया. विपक्ष के विरोध के बावजूद बजट पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई.

विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान

सरकार द्वारा पेश किए गए 8,399.31 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट में विभिन्न विभागों, कल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है. अनुपूरक बजट का उद्देश्य वित्तीय वर्ष के दौरान उत्पन्न अतिरिक्त व्यय और नई आवश्यकताओं की पूर्ति करना है. 

आमतौर पर अनुपूरक बजट तब लाया जाता है, जब स्वीकृत वार्षिक बजट के अतिरिक्त किसी विभाग या योजना के लिए अतिरिक्त राशि की जरूरत होती है. इससे सरकार को आवश्यक योजनाओं और परियोजनाओं के संचालन में वित्तीय बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ता.

JPSC-JSSC का मुद्दा छाया रहा सदन में

मानसून सत्र के दौरान JPSC और JSSC परीक्षाओं का मुद्दा प्रमुख रूप से सदन में छाया रहा. विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार विवाद और कथित अनियमितताओं के कारण राज्य के हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है. 

विपक्ष ने सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की. विधायकों ने आंदोलनरत छात्रों की मांगों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए तत्काल पहल करनी चाहिए. विपक्ष ने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई.

हंगामे से प्रभावित रही सदन की कार्यवाही

विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित रही. कई बार अध्यक्ष को सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी. हंगामे के बीच ही सरकार ने अपनी विधायी और वित्तीय कार्यवाही आगे बढ़ाई. 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि JPSC-JSSC परीक्षा विवाद आने वाले दिनों में भी विधानसभा की कार्यवाही में प्रमुख मुद्दा बना रह सकता है, क्योंकि छात्र संगठनों का आंदोलन लगातार जारी है और विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर कायम है.

आने वाले दिनों में होगी बजट पर चर्चा

अब विधानसभा में पेश किए गए पहले अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है. विभिन्न विभागों के लिए प्रस्तावित अतिरिक्त राशि, उसके उपयोग और वित्तीय प्रबंधन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस हो सकती है. वहीं, JPSC-JSSC परीक्षा विवाद और छात्रों के आंदोलन को लेकर भी सदन में आगे तीखी चर्चा होने के आसार हैं. 

सरकार का कहना है कि अनुपूरक बजट राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक है, जबकि विपक्ष का जोर इस बात पर है कि वित्तीय प्रबंधन के साथ-साथ युवाओं के भविष्य और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता जैसे मुद्दों पर भी सरकार को समान गंभीरता दिखानी चाहिए.

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