जीबीएम कॉलेज की एनएसएस इकाई द्वारा "नशा मुक्त युवा संवाद मेला" का हुआ आयोजन
मेले में नशा सेवन के दुष्परिणामों एवं नशा मुक्ति के उपायों पर आयोजित हुईं विभिन्न प्रतियोगिताएँ एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ, भाषण में रीति, कविता पाठ में शुभ्रा, नृत्य में काजल एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में संचिता प्रथम स्थान पर रहीं।
गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज के सावित्री महाजन सभागार में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार एवं राष्ट्रीय सेवा योजना, क्षेत्रीय निदेशालय, पटना से प्राप्त निर्देश के तहत कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारतः 100 सप्ताह संकल्प अभियान" के अंतर्गत "युवा संवाद मेला" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक डॉ पिंटू कुमार, तथा बतौर विशिष्ट अतिथि रेड रिबन क्लब, गया जी के जिला नोडल पदाधिकारी डॉ धर्मेंद्र कुमार की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संयोजन एवं समन्वयन एनएसएस प्रोग्राम अॉफिसर डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी, विकसित भारत एवं उन्नत भारत अभियान की नोडल अॉफिसर डॉ अमृता कुमारी घोष, एनसीसी सीटीओ डॉ नगमा शादाब, एवं सेहत केन्द्र की नोडल अधिकारी डॉ प्रियंका कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अफ्शां नाहिद ने किया। युवा संवाद मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं मंचासीन प्रोफेसरों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। महाविद्यालय कुलगीत एवं राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की सुमधुर प्रस्तुति के उपरांत मुख्य अतिथि डॉ पिंटू कुमार एवं विशिष्ट अतिथि डॉ धर्मेंद्र कुमार का अभिनंदन शॉल, पौधा, एवं कॉलेज के शोध तथा सृजनात्मक जर्नल गरिमा-2026 प्रदान करके किया गया। एनएसएस स्वयंसेवक सौम्या, अर्चना, श्रुति, मुस्कान, एवं स्मृति ने स्वागत गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी। स्वागत वक्तव्य में डॉ रश्मि ने डॉ पिंटू एवं डॉ धर्मेंद्र के प्रति कॉलेज परिवार की ओर से आभार व्यक्त करते हुए दोनों के महाविद्यालय आगमन को कॉलेज की एनएसएस वॉलेंटियरों के लिए एक यादगार, उत्साहवर्द्धक एवं प्रेरक अवसर बतलाया। उन्होंने स्वागत वक्तव्य के दरम्यान रोकथाम, सुरक्षा, पुनर्वास और नेतृत्व रूपी चार स्तंभों पर टिके "नशा मुक्त युवा संवाद मेले" का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और एक नशामुक्त समाज का निर्माण करना बतलाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ पिंटू कुमार ने नशा सेवन को युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक एवं हानिप्रद बताया। कहा कि नशा सेवन के अंतर्गत शराब, सिगरेट, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन आता है, जो मानव शरीर, मानसिक स्थिति और सामाजिक जीवन पर अत्यंत घातक प्रभाव डालता है, अतः युवक-युवतियों को नशे की लत से दूर रहना चाहिए। नशे की हालत में व्यक्ति की सोचने-समझने और सही फैसला लेने की क्षमता खत्म हो जिती है। नशा सेवन समाज में एड्स जैसी जानलेवा स्थिति को बढ़ाने का कार्यक्रम करता है। उन्होंने कॉलेज की एनएसएस वॉलेंटियरों को कॉलेज के सौंदर्यीकरण के लिए मिलजुलकर अभियान चलाने की बात कही। मेले में एनएसएस वॉलेंटियरों की भाषण प्रतियोगिता, काव्य पाठ प्रतियोगिता, युवा संवाद, एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शानदार प्रतिभागिता की सराहना करते हुए उन्होंने कॉलेज की एनएसएस इकाई द्वारा पितृपक्ष मेला परिसर में चलाए गए सेवा, सहयोग एवं स्वच्छता अभियान की तारीफ की। वहीं रेड रिबन क्लब के जिला नोडल अधिकारी डॉ धर्मेंद्र कुमार ने एक एनएसएस वॉलेंटियर के रूप में अपने संघर्षों को साझा करते हुए जहाँ चाह, वहीं राह" कथन की सार्थकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को अच्छे कार्यों एवं सेवा भाव से अनुप्राणित होकर कार्य करने का नशा करने की बात कही। छात्राओं को राष्ट्रपति पुरस्कार लेने के लिए प्रेरित करते हुए डॉ धर्मेंद्र ने कहा कि दूसरों की नकारात्मक टीका-टिप्पणियों की परवाह न करके सेवाभाव से कार्य कीजिए, आर्थिक सहयोग समाज के प्रतिष्ठित तथा समर्थ सुधी जनों एवं संस्थानों से स्वयं ही मिल जाएगा। कॉलेज के बर्सर डॉ सहदेब बाउरी ने एक अच्छे कार्यक्रम के लिए महाविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की संरक्षक एवं कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल ने डॉ रश्मि सहित पूरी टीम को बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मेले में नशा मुक्ति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के वक्तव्य का डॉक्यूमेंट्री वीडियो दिखला कर एनएसएस वॉलेंटियरों को नशा सेवन के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। मेले के अंतर्गत कॉलेज की एनएसएस वॉलेंटियरों द्वारा नशा सेवन के गंभीर दुष्परिणामों एवं नशामुक्ति के विभिन्न उपायों पर बनाए गए पोस्टरों एवं मॉडलों की प्रदर्शनी लगायी गयी। पोस्टर मेकिंग कम्पटीशन में स्वयंसेवकों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया। निर्णायक मंडल की सदस्यों में डॉ नगमा, डॉ अमृता एवं आईक्यूएसी कोअॉर्डिनेटर डॉ कृति सिंह आनंद रहीं। नशा मुक्त युवा संवाद का संचालन समर्थ की नोडल अधिकारी डॉ शुचि सिन्हा ने किया। मुख्य अतिथि डॉ पिंटू, डॉ धर्मेंद्र कुमार, डॉ रश्मि प्रियदर्शनी एवं डॉ प्रियंका कुमारी ने बच्चों द्वारा नशा सेवन पर पूछे गए प्रश्नों का समाधान बताया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ एनएसएस गीत "उठें समाज के लिए उठें, उठें। जगें सौराष्ट्र के लिए जगें, जगें। स्वयं सजें वसुंधरा सवार दें" के सामूहिक गायन से हुआ। एनएसएस वॉलेंटियर रीति, अनु एवं समृद्धि ने नशा सेवन के दुष्प्रभावों पर वक्तव्य दिया। शुभ्रा एवं दिव्यांशी ने "नशा मुक्त युवा" विषय पर कविताएँ पढ़ीं। सौम्या, आँचल, काजल, अंशु, पायल, अर्चना ने समूह नृत्य प्रस्तुत किया। प्रिया, शैली पाठक, मानसी, दीपशिखा, एवं वैष्णवी की "नशा मुक्त युवाः नशा मुक्त भारत" विषय पर लघु नाटिका अत्यंत प्रशंसनीय रही। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संयोजन डॉ रश्मि ने तथा समन्वयन डॉ अफ्शां नाहिद ने किया। भाषण प्रतियोगिता में रीति प्रथम, समृद्धि द्वितीय एवं अनु तृतीय स्थान पर रही, तो कविता पाठ में शुभ्रा प्रथम, दिव्यांशी द्वितीय एवं स्मृति तृतीय रहीं। नृत्य प्रतियोगिता में काजल प्रथम, सौम्या द्वितीय तथा रागिनी तृतीय स्थान पर रहीं। पोस्टर मेकिंग कम्पटीशन में संचिता प्रथम, अंजली द्वितीय तथा दिव्यांशी तृतीय स्थान पर रहीं।महाविद्यालय परिवार ने राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा प्रेषित समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प पढ़ा तथा वचनबद्धता दुहरायी।धन्यवाद ज्ञापन डॉ प्रियंका कुमारी ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ। मेले में डॉ प्यारे माँझी, डॉ अनामिका कुमारी, प्रीति शेखर, डॉ किरण कुमारी, डॉ आशुतोष कुमार पांडेय, डॉ शबाना परवीन हुसैन, डॉ सुरबाला कृष्णा, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ फातिमा, डॉ नुद्रतुन निसां, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार, राजेश कुमार, अजीत कुमार, रंजीत कुमार सहित सभी शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मियों, एवं दो सौ से अधिक एनएसएस वॉलेंटियरों एवं प्रतिभागी छात्राओं की उपस्थिति रही।
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