गयाजी में पितृ दीपावली का आयोजन, पितरों के निमित्त श्रद्धालुओं ने जलाए दीप
गयाजी: बिहार के गयाधाम में पितृपक्ष के दौरान पितृ दीपावली का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में किया गया। त्रयोदशी तिथि पर विष्णुपद मंदिर परिसर और फल्गु नदी के तट पर श्रद्धालुओं ने अपने पितरों के निमित्त दीप प्रज्वलित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और वेद पाठ से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
गयाजी: बिहार के गयाधाम में पितृपक्ष के दौरान पितृ दीपावली का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में किया गया। त्रयोदशी तिथि पर विष्णुपद मंदिर परिसर और फल्गु नदी के तट पर श्रद्धालुओं ने अपने पितरों के निमित्त दीप प्रज्वलित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और वेद पाठ से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
पितरों के निमित्त जलाए गए दीप
आयोजकों के अनुसार, पितृ दीपावली में पितरों के निमित्त दीप जलाने की विशेष परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीप प्रज्वलित कर पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है। इस आयोजन में पिंडदान करने वाले श्रद्धालुओं के साथ ब्राह्मण, ब्रह्मचारी और वैदिक पाठ करने वाले लोग भी शामिल हुए।
स्थानीय पुरोहित स्वामी वेंकटेश ने बताया कि पितृ दीपावली में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लोगों ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और कल्याण की कामना करते हुए दीप अर्पित किए। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।
पहली बार पितृ दीपावली में शामिल हुआ परिवार
श्रद्धालु कल्पना कनुजा ने बताया कि उनका परिवार पिछले 15 से 16 दिनों से गया में पिंडदान के लिए मौजूद है। उन्होंने पहली बार पितृ दीपावली में भाग लिया और अपने पितरों के निमित्त दीप प्रज्वलित किए। उनके अनुसार, इस आयोजन में शामिल होना उनके परिवार के लिए श्रद्धा और आस्था से जुड़ा विशेष अनुभव रहा।
विष्णुपद मंदिर और फल्गु तट पर दिखा भक्तिमय माहौल
पितृ दीपावली के दौरान विष्णुपद मंदिर परिसर और फल्गु नदी के तट पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति से धार्मिक माहौल बना रहा। लोगों ने दीप जलाकर अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और आस्था प्रकट की। गया धाम में पितृपक्ष के दौरान होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में इस आयोजन का विशेष महत्व देखने को मिला।
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