महज 3 सेंटीमीटर के पीपल के पत्ते पर नाना पाटेकर की तस्वीर, मधुरेंद्र कुमार ने 3 घंटे में बनाई अनोखी कलाकृति

भागलपुर के अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने महज 3 सेंटीमीटर के पीपल के पत्ते पर अभिनेता नाना पाटेकर का चेहरा उकेरा है। करीब 3 घंटे की मेहनत से तैयार इस अनोखी कलाकृति पर उन्होंने ‘अलविदा क्रांतिवीर नाना पाटेकर’ संदेश लिखकर अपनी कला के जरिए श्रद्धांजलि व्यक्त की।

Oct 9, 2026 - 10:11
महज 3 सेंटीमीटर के पीपल के पत्ते पर नाना पाटेकर की तस्वीर, मधुरेंद्र कुमार ने 3 घंटे में बनाई अनोखी कलाकृति

भागलपुर: बिहार के चर्चित अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने महज तीन सेंटीमीटर के हरे पीपल के पत्ते पर अभिनेता नाना पाटेकर का चेहरा उकेरकर अपनी सूक्ष्म कला का अनोखा प्रदर्शन किया है। करीब तीन घंटे की मेहनत से तैयार इस कलाकृति में उन्होंने ‘अलविदा क्रांतिवीर नाना पाटेकर’ संदेश लिखकर अभिनेता के प्रति सम्मान व्यक्त किया है।

मधुरेंद्र कुमार की इस अनूठी कलाकृति में सबसे खास बात है पत्ते का बेहद छोटा आकार और उस पर चेहरे की बारीकियों को उकेरने का हुनर। जहां आमतौर पर श्रद्धांजलि देने के लिए बड़े चित्रों और पेंटिंग का सहारा लिया जाता है, वहीं मधुरेंद्र ने एक छोटे से पीपल के पत्ते को ही अपना कैनवास बना लिया।

तीन घंटे की मेहनत से तैयार हुई कलाकृति

करीब तीन सेंटीमीटर के पत्ते पर किसी चेहरे की पहचान और भाव-भंगिमा को उभारना आसान नहीं है। इसके लिए धैर्य, एकाग्रता और असाधारण बारीकी की जरूरत होती है। मधुरेंद्र कुमार ने लगभग तीन घंटे तक मेहनत कर इस कलाकृति को तैयार किया। इसमें उन्होंने नाना पाटेकर के चेहरे को उकेरने के साथ ‘अलविदा क्रांतिवीर नाना पाटेकर’ संदेश भी अंकित किया।

‘क्रांतिवीर’ से मिली खास पहचान

नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के चर्चित अभिनेताओं में शामिल हैं। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’ और ‘अग्निसाक्षी’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली। उनकी दमदार आवाज, प्रभावशाली संवाद अदायगी और अभिनय की विशिष्ट शैली ने उन्हें फिल्म जगत में अलग पहचान दिलाई है।

मधुरेंद्र कुमार ने अपनी कलाकृति में ‘क्रांतिवीर’ शब्द का इस्तेमाल कर अभिनेता के चर्चित फिल्मी किरदार को भी याद किया है।

सूक्ष्म कला के जरिए व्यक्त किया सम्मान

मधुरेंद्र कुमार अपनी अनोखी कलाकृतियों के जरिए कला प्रेमियों का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। इस बार पीपल के पत्ते पर बनाई गई उनकी यह कलाकृति सूक्ष्म कला की संभावनाओं को दर्शाती है। छोटे से पत्ते पर बनाई गई तस्वीर यह दिखाती है कि कला के माध्यम से भावनाओं को व्यक्त करने के लिए बड़े कैनवास की जरूरत नहीं होती।

नोट: नाना पाटेकर के निधन की खबर की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना उसे तथ्य के रूप में प्रकाशित न करें। यदि यह खबर अपुष्ट है, तो श्रद्धांजलि से जुड़ी इस रिपोर्ट को प्रकाशित करने से पहले विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी सत्यापित करना जरूरी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0