मोतिहारी में सरकारी राशन की ढुलाई पर सवाल, फर्जी नंबर प्लेट वाले ट्रक से खुल सकते हैं बड़े राज

मोतिहारी: गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन की ढुलाई में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। ट्रक के आगे और पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट लगाए जाने से खाद्यान्न की ढुलाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जांच के दौरान इस मामले में एक बड़े नेटवर्क की संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

Oct 15, 2026 - 11:41
मोतिहारी में सरकारी राशन की ढुलाई पर सवाल, फर्जी नंबर प्लेट वाले ट्रक से खुल सकते हैं बड़े राज

मोतिहारी: गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन की ढुलाई में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। ट्रक के आगे और पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट लगाए जाने से खाद्यान्न की ढुलाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जांच के दौरान इस मामले में एक बड़े नेटवर्क की संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, छतौनी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर खाद्यान्न लदे एक ट्रक को जब्त किया था। इसके बाद सदर एसडीओ अरुण कुमार के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर टीपीडीएस गोदाम प्रबंधक को ट्रक चालक, मालिक और डीएसडी ठेकेदार समेत संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

चालक से पूछताछ में कथित नेटवर्क के सुराग मिलने की चर्चा

मामले में ट्रक चालक से पूछताछ के दौरान मोतिहारी शहर के एक बड़े कथित राशन कारोबारी का नाम सामने आने की चर्चा है। हालांकि, संबंधित व्यक्ति की भूमिका और संलिप्तता को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी खाद्यान्न की ढुलाई में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।

दो अलग-अलग नंबर प्लेट से बढ़ा संदेह

ट्रक के आगे और पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट लगाए जाने का मामला जांच का अहम बिंदु बन गया है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि वाहन पर अलग-अलग नंबर प्लेट क्यों लगाए गए थे। साथ ही, खाद्यान्न किस गोदाम से निकला, उसे कहां पहुंचाया जाना था और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

गोदाम से लेकर परिवहन व्यवस्था तक जांच

इस मामले में जांच का दायरा केवल ट्रक चालक और मालिक तक सीमित नहीं है। गोदाम से खाद्यान्न की निकासी, उसकी ढुलाई, निर्धारित गंतव्य और संबंधित परिवहन एजेंसी की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति या एजेंसी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

अब जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें

सरकारी खाद्यान्न जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए निर्धारित वितरण व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी गरीब परिवारों के अधिकारों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में इस मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है। फिलहाल, कथित राशन माफिया की भूमिका की पुष्टि होना बाकी है। पुलिस और प्रशासन की आधिकारिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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