बिहार में बिना परमिट वाहन मालिकों को बड़ी राहत, 30 दिन की जगह अब अधिकतम 7 दिनों का ही जुर्माना

पटना: बिहार में बिना वैध परमिट के वाहन चलाने वाले वाहन मालिकों को परिवहन विभाग ने बड़ी राहत दी है। अब ऐसे वाहनों के अवैध परिचालन के लिए अधिकतम 30 दिनों के बजाय केवल सात दिनों की अवधि के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। इस संबंध में राज्य परिवहन आयुक्त कार्यालय की ओर से आदेश जारी कर सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

Oct 15, 2026 - 16:26
Oct 15, 2026 - 16:29
बिहार में बिना परमिट वाहन मालिकों को बड़ी राहत, 30 दिन की जगह अब अधिकतम 7 दिनों का ही जुर्माना

पटना: बिहार में बिना वैध परमिट के वाहन चलाने वाले वाहन मालिकों को परिवहन विभाग ने बड़ी राहत दी है। अब ऐसे वाहनों के अवैध परिचालन के लिए अधिकतम 30 दिनों के बजाय केवल सात दिनों की अवधि के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। इस संबंध में राज्य परिवहन आयुक्त कार्यालय की ओर से आदेश जारी कर सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

परिवहन विभाग के अनुसार, राज्य परिवहन प्राधिकार की विभिन्न बैठकों में बिना वैध परमिट के सड़कों पर चल रहे वाहनों के मामले सामने आए थे। ऐसे मामलों में अवैध परिचालन के कारण सरकारी राजस्व को नुकसान होने की बात सामने आई थी। इसके बाद संबंधित वाहनों के पिछले 30 दिनों के परिचालन की जांच कर अवैध परिचालन की अवधि के आधार पर जुर्माना लगाने और उसकी वसूली करने का निर्देश दिया गया था।

हालांकि, इस व्यवस्था के तहत कई वाहन मालिकों पर अधिक अवधि का जुर्माना लगने के कारण आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। वाहन मालिकों की ओर से जुर्माने की अवधि कम करने और राहत देने का अनुरोध किया गया। इन अनुरोधों पर विचार करने के बाद राज्य परिवहन प्राधिकार ने जुर्माने की गणना की अधिकतम अवधि 30 दिनों से घटाकर सात दिन कर दी है।

पहले से लगाए गए जुर्माने पर भी मिलेगी राहत

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों पर पहले ही सात दिनों से अधिक अवधि के हिसाब से जुर्माना लगाया जा चुका है, उनसे भी अब अधिकतम सात दिनों की अवधि के अनुसार ही राशि वसूली जाएगी। इससे उन वाहन मालिकों को भी राहत मिलने का रास्ता साफ हुआ है, जिन पर पहले अधिक अवधि का जुर्माना निर्धारित किया गया था।

हालांकि, जुर्माने की अवधि घटाने का अर्थ यह नहीं है कि बिना परमिट वाहन चलाने की अनुमति मिल गई है। वाहन मालिकों को वैध परमिट से जुड़े नियमों का पालन करना होगा और निर्धारित शास्ति भी जमा करनी होगी।

मोटरयान अधिनियम के तहत 10 हजार रुपये की शास्ति का प्रावधान

विभाग के अनुसार, मोटरयान अधिनियम के तहत प्रथम अपराध और बाद के अपराधों के लिए 10-10 हजार रुपये की शास्ति का प्रावधान है। जुर्माने की अवधि में राहत दिए जाने के बावजूद शास्ति से जुड़े निर्धारित नियम लागू रहेंगे। वाहन मालिकों को संबंधित प्रावधानों के अनुसार देय राशि जमा करनी होगी।

जुर्माना जमा करने के बाद आगे बढ़ेगी परमिट की प्रक्रिया

परिवहन विभाग ने संबंधित वाहन मालिकों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित जुर्माने की राशि जमा करें और भुगतान का प्रमाण राज्य परिवहन प्राधिकार के कार्यालय में प्रस्तुत करें। इसके बाद लंबित परमिट जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।

इस फैसले से बिना वैध परमिट परिचालन के मामलों में जुर्माने की अवधि को लेकर वाहन मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही विभाग ने स्पष्ट किया है कि परमिट संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

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